RTE प्रवेश में देरी पर हाईकोर्ट सख्त: पूछा—अगस्त तक एडमिशन चलेगा तो पढ़ाई कब शुरू होगी

7 मई तक पूरी प्रक्रिया खत्म करने के निर्देश; राज्य सरकार से मांगा स्पष्ट एक्शन प्लान, हजारों आवेदन अब भी लंबित

RTE प्रवेश में देरी पर हाईकोर्ट सख्त: पूछा—अगस्त तक एडमिशन चलेगा तो पढ़ाई कब शुरू होगी

*छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने सवाल उठाया है कि यदि दाखिले अगस्त तक चलते रहेंगे, तो बच्चों की पढ़ाई कैसे शुरू होगी। साथ ही राज्य सरकार को तय समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करने और विस्तृत कार्ययोजना पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।*

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के प्रवेश में हो रही देरी को गंभीरता से लिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि यदि प्रवेश प्रक्रिया जुलाई-अगस्त तक चलती रही, तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।

कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि 7 मई से पहले सभी प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाए और इसके लिए एक ठोस व समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन आरटीई के तहत दाखिले की प्रक्रिया अब तक धीमी गति से चल रही है।

आंकड़ों के मुताबिक प्रदेशभर में आरटीई के तहत 38,438 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से केवल 23,766 यानी करीब 62 प्रतिशत आवेदनों की ही जांच पूरी हो सकी है। वहीं 14 हजार से अधिक आवेदन अब भी लंबित हैं। कई जिलों में जांच की स्थिति बेहद कमजोर है, जहां 10 प्रतिशत से भी कम आवेदन सत्यापित हो पाए हैं।

शिक्षा विभाग ने पंजीयन और नोडल वेरिफिकेशन के लिए 16 फरवरी से 31 मार्च तक का समय निर्धारित किया था, लेकिन तय समयसीमा के बाद भी प्रक्रिया अधूरी बनी हुई है। वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार प्रथम चरण में 13 से 17 अप्रैल के बीच लॉटरी और सीट आवंटन किया गया, जिसके तहत करीब 15 हजार छात्रों को सीटें मिली हैं। इनका प्रवेश 1 से 30 मई तक होना है।

इसके बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया 8 जून से शुरू होगी, जिसमें नए स्कूलों का पंजीयन, जुलाई में छात्र आवेदन और जुलाई के अंत में लॉटरी के बाद अगस्त मध्य तक प्रवेश की समयसीमा तय की गई है।

कोर्ट ने इस पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रवेश अगस्त तक होगा, तो बच्चों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित होगा। इस पर राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए 7 मई से पहले पूरी प्रक्रिया में तेजी लाने और स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।