फर्जी GST बिल के सहारे चल रहा था चोरी के कोयले का कारोबार, दुर्ग पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा
खुर्सीपार में छापेमारी के दौरान 15.530 टन कोयला जब्त, जांच में सामने आया फर्जी दस्तावेजों का खेल
दुर्ग पुलिस ने अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी के कोयले के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। खुर्सीपार क्षेत्र में छापेमारी के दौरान पुलिस ने लाखों रुपये का कोयला जब्त किया। जांच में कोयले की खरीदी-बिक्री के लिए प्रस्तुत किए गए GST दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दुर्ग जिले में अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी के कोयले की खरीद-फरोख्त और फर्जी GST दस्तावेज तैयार कर अवैध कारोबार संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि खुर्सीपार गेट के पास स्थित एक गोदाम में अवैध रूप से कोयला संग्रहित कर उसकी बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गोदाम में दबिश दी, जहां से करीब 15.530 टन कोयला बरामद किया गया। जब्त कोयले की अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई जा रही है।
कार्रवाई के दौरान गोदाम संचालक विजय केसरवानी से कोयले के स्रोत और खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। उसने पुलिस को GST बिल और अन्य कागजात प्रस्तुत किए, लेकिन दस्तावेजों की जांच में कई विसंगतियां सामने आईं। विस्तृत पड़ताल के बाद पता चला कि प्रस्तुत GST बिल और संबंधित दस्तावेज फर्जी हैं।
पुलिस पूछताछ में विजय केसरवानी ने स्वीकार किया कि वह रेलवे और भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से चोरी किए गए कोयले की खरीद कर उसे बाजार में बेचता था। अवैध कारोबार को वैध दिखाने के लिए फर्जी GST बिल और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग किया जाता था।
आरोपी ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि फर्जी GST दस्तावेज तैयार करने में राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा की भूमिका थी। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी के कोयले की आपूर्ति कहां से हो रही थी तथा इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बाइट — यदुमणि सिदार, क्राइम डीएसपी
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