आपदा से निपटने का अभ्यास: दुर्ग में एसडीआरएफ ने किया बाढ़, फायर और सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का प्रदर्शन

बचाव तकनीकों, सीपीआर और आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की दी जानकारी, 200 जवानों-अधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण

आपदा से निपटने का अभ्यास: दुर्ग में एसडीआरएफ ने किया बाढ़, फायर और सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का प्रदर्शन

दुर्ग। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल प्रथम वाहिनी परिसर में शुक्रवार को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) संभाग दुर्ग द्वारा विशेष बाढ़, फायर एवं सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीआईजी एवं प्रथम वाहिनी भिलाई के कमांडेंट राजेश कुकरेजा की उपस्थिति रही।

मॉक ड्रिल के दौरान जिला सेनानी नागेंद्र सिंह तथा एसडीआरएफ दुर्ग की टीम ने विभिन्न आपदा परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। जवानों ने बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालने, नदी में डूबे व्यक्ति की खोज एवं शव बरामदगी, मोटर बोट दुर्घटना की स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन तथा डूबे हुए व्यक्ति को सीपीआर देकर प्राथमिक उपचार प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की कार्यप्रणाली और उनके उपयोग की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि आपदा के समय सही तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया से जनहानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डेमो सेशन में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल प्रथम वाहिनी के लगभग 150 से 200 अधिकारी एवं जवान शामिल हुए। प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता, समन्वय और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई।

अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।