अब जनता की शिकायत सीधे पहुंचेगी सीएम तक, बस्तर में 1076 हेल्पलाइन की तैयारी तेज
फोन, व्हॉट्सएप और ऐप से दर्ज होंगी शिकायतें, तय समयसीमा में होगा समाधान
*प्रदेश सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू करने जा रही है। बस्तर जिले में इसके संचालन को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। नई व्यवस्था के तहत लोगों की शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचेंगी और उनकी मॉनिटरिंग भी उच्च स्तर पर की जाएगी।*
जगदलपुर। बस्तर में अब आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा 1076 को शुरू करने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय स्थित प्रेरणा सभाकक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को शिकायत निवारण प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को बताया गया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को तकनीक आधारित केंद्रीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है, जिससे आम नागरिकों की शिकायतों का तय समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
हेल्पलाइन शुरू होने के बाद नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा व्हॉट्सएप, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और लिखित आवेदन के माध्यम से भी शिकायतें स्वीकार की जाएंगी। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक टोकन नंबर दिया जाएगा, जिससे शिकायतकर्ता उसकी रियल टाइम ट्रैकिंग कर सकेगा।
प्रशिक्षण के दौरान विभागीय सलाहकार अशोक चौबे और प्रशिक्षक पवन तिवारी ने अधिकारियों को प्रणाली की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन पांच प्रमुख आधारों पर संचालित होगी, जिनमें यूनिक टोकन ट्रैकिंग, समयबद्ध समाधान, नागरिक संतुष्टि फीडबैक, पारदर्शिता और एमआईएस डैशबोर्ड के जरिए सतत निगरानी शामिल है। कॉल सेंटर सालभर 24 घंटे संचालित रहेगा।
शिकायतों के निराकरण के लिए चार स्तरीय व्यवस्था तैयार की गई है। एल-1 स्तर पर ब्लॉक, एल-2 पर जिला, एल-3 पर संभाग या निदेशालय और एल-4 स्तर पर सचिव या विभागाध्यक्ष शिकायतों का निराकरण करेंगे। यदि निर्धारित समय सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो मामला स्वतः अगले स्तर पर पहुंच जाएगा।
प्रशासन का दावा है कि इस नई व्यवस्था से अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और आम लोगों को त्वरित राहत मिल सकेगी। साथ ही शिकायतों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा किए जाने से व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
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