विधानसभा में रिकेश सेन के सवाल के बाद सरकार सक्रिय, शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण की तैयारी तेज
15 अगस्त तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य, पात्र कब्जाधारियों और आवासहीन परिवारों को मिलेगा भू-स्वामी अधिकार
भिलाई नगर। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवाल के बाद राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में वर्षों से पट्टे की मांग कर रहे परिवारों को बड़ी राहत देने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र कब्जाधारियों और आवासहीन परिवारों का सर्वे कर उन्हें नियमानुसार पट्टा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र समेत प्रदेश के शहरी इलाकों में लंबे समय से पट्टे की मांग कर रहे हजारों परिवारों के लिए सकारात्मक खबर सामने आई है। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विधायक रिकेश सेन द्वारा इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाए जाने के बाद राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों को भू-स्वामी अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक रिकेश सेन ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से पूछा कि क्या शहरी क्षेत्रों में वर्षों से निवास कर रहे पात्र कब्जाधारियों एवं आवासहीन परिवारों को पट्टा देने की कोई योजना सरकार के विचाराधीन है और यदि है तो इसकी शुरुआत कब तक होगी।
जवाब में राजस्व मंत्री ने सदन को बताया कि छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार अधिनियम, 2023 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार पात्र हितग्राहियों की पहचान के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को 8 मई 2026 को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
सरकार ने इस प्रक्रिया के तहत 15 अगस्त 2026 तक सर्वे कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सर्वे के बाद पात्र पाए जाने वाले परिवारों को नियमानुसार पट्टा वितरित किया जाएगा।
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि वैशाली नगर सहित प्रदेश के कई शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार वर्षों से भूमि पर निवास कर रहे हैं, लेकिन वैधानिक पट्टा नहीं होने के कारण वे अनेक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उनका कहना है कि विधानसभा में यह मुद्दा उठाने का उद्देश्य ऐसे परिवारों को कानूनी अधिकार दिलाना और उनके भविष्य को सुरक्षित करना है।
उन्होंने कहा कि पट्टा मिलने के बाद पात्र परिवारों को भूमि पर वैधानिक स्वामित्व मिलेगा, जिससे बैंक ऋण प्राप्त करने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, संपत्ति का वैध रिकॉर्ड तैयार कराने और भूमि संबंधी विवादों से राहत मिलने में मदद मिलेगी।
हालांकि सरकार ने पट्टा वितरण की अंतिम तिथि की घोषणा नहीं की है, लेकिन सदन में यह स्पष्ट किया गया कि सर्वे कार्य पूर्ण होने के बाद पात्र हितग्राहियों को पट्टा देने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी।
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