गुरुग्राम में युवती की हत्या के बाद भिलाई के एआई इंजीनियर की संदिग्ध मौत, पुलिस कई पहलुओं की जांच में जुटी

रेलवे ट्रैक पर मिला इंजीनियर का शव, सहकर्मी युवती कमरे में मृत मिली; हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका, परिजनों ने उठाए सवाल

गुरुग्राम में युवती की हत्या के बाद भिलाई के एआई इंजीनियर की संदिग्ध मौत, पुलिस कई पहलुओं की जांच में जुटी

भिलाई/गुरुग्राम। भिलाई-3 थाना क्षेत्र की विश्व बैंक कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय एआई इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक की गुरुग्राम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और उसी शहर में उसकी सहकर्मी युवती का शव मिलने से मामला रहस्यमय बन गया है। रेलवे ट्रैक पर दो हिस्सों में मिले श्रेष्ठ के शव के बाद पुलिस हत्या और आत्महत्या के एंगल से जांच कर रही है। हालांकि मृतक के परिजनों ने पुलिस की शुरुआती आशंका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, श्रेष्ठ मलिक गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में एआई इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। उसी कंपनी में उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली एक युवती भी नौकरी करती थी। बताया जा रहा है कि दोनों की पहचान कार्यस्थल पर हुई थी और घटना से तीन दिन पहले युवती सेक्टर-57 स्थित अपना पीजी छोड़कर सेक्टर-55 में श्रेष्ठ के साथ रहने लगी थी।

रविवार को युवती के परिजनों ने उससे संपर्क नहीं होने पर सेक्टर-56 थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब कमरे पर पहुंची तो दरवाजा खोलने पर युवती का शव खून से लथपथ हालत में मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसकी हत्या धारदार हथियार से कई वार कर की गई थी। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि श्रेष्ठ मलिक भी उसी कमरे में रहता था, लेकिन वह मौके से गायब था। इसी बीच जानकारी मिली कि एक दिन पहले गुरुग्राम रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हुई थी। मौके से मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसकी पहचान श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई। जीआरपी ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

पुलिस फिलहाल दोनों मामलों को जोड़कर जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही सामने आएगा।

उधर, गुरुग्राम पहुंचे श्रेष्ठ के परिजनों ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना से पहले श्रेष्ठ ने अपने भाई को फोन कर बताया था कि एक युवती उसे धमकी देकर गई है। परिजनों का दावा है कि श्रेष्ठ शांत स्वभाव का था और किसी की हत्या नहीं कर सकता। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे आपसी विवाद, व्यक्तिगत कारण या कोई अन्य वजह थी। मामले की सच्चाई अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।