गर्मी का कहर, इस जिले में 45 डिग्री तक पहुंचा तापमान, 31 मई तक हीट वेव अलर्ट जारी
प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच राजनांदगांव जिले में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है...
प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। राजनांदगांव जिले में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है, जहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। गर्मी के कारण लोगों को लू, डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
किसानों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि तेज गर्मी का असर फसलों पर पड़ रहा है और उत्पादन घटने की आशंका है। वहीं, पर्यावरण पर भी इसका गंभीर प्रभाव दिखाई दे रहा है। कई नदी-नाले और तालाब सूखने लगे हैं, जिससे भू-जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी जारी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 19 अप्रैल से 31 मई के बीच तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है। ऐसे में लू और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ने की संभावना है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष रूप से खुले स्थानों पर बाहर निकलने से बचें।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
पर्यावरणविद एवं कमला कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. ओंकार लाल श्रीवास्तव ने बताया कि तापमान बढ़ने के पीछे हरियाली की कमी, तेजी से हो रहा शहरीकरण, पेड़ों की कटाई और जलस्रोतों का सूखना प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा कम वर्षा और गर्म हवाएं भी स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पौधरोपण, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण जैसे उपायों को अपनाना आवश्यक है।
अचानक तबीयत बिगड़ने का खतरा
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र प्रसाद ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।उन्होंने सलाह दी कि इस मौसम में अधिक से अधिक पानी, दही, छाछ और नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
सावधानी बेहद जरूरी
भीषण गर्मी के दौरान वाहन और घर में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कार में लाइटर, परफ्यूम, बैटरी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थ रखने से बचें, क्योंकि अत्यधिक गर्मी में इनके फटने का खतरा रहता है। गैस सिलेंडर को धूप में न रखें और बिजली उपकरणों का सीमित उपयोग करें।
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