प्रदेश के 10 शहरों पर भूकंप का साया, भवनों की मजबूती जांचेगा सीबीआरआई
देहरादून समेत प्रमुख शहरों में सीबीआरआई करेगा सर्वे, पहले अध्ययन में 80 फीसदी भवन पाए गए थे संवेदनशील
नई दिल्ली। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भूकंप से होने वाले संभावित नुकसान का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की ने देहरादून सहित 10 शहरों में भूकंपीय जोखिम मूल्यांकन (सीस्मिक रिस्क असेसमेंट) कराने का प्रस्ताव राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इन शहरों में भवनों की संरचनात्मक मजबूती, मिट्टी की स्थिति और भूकंप के दौरान संभावित प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
सीबीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरसिया के अनुसार, इससे पहले नैनीताल, मसूरी और कर्णप्रयाग में किए गए जोखिम मूल्यांकन अध्ययन में करीब 80 प्रतिशत भवन भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील पाए गए थे। अध्ययन के दौरान प्रत्येक शहर के 1100 से 1200 भवनों का चयन कर उनका विस्तृत सर्वेक्षण किया गया था।
वैज्ञानिकों ने भवनों की संरचना, निर्माण सामग्री, आरसीसी तकनीक के उपयोग, मिट्टी की प्रकृति और भूगर्भीय परिस्थितियों का परीक्षण किया। इसके आधार पर शहरों का ग्रिड तैयार कर विभिन्न मानकों पर जोखिम का विश्लेषण किया गया।
अध्ययन के दूसरे चरण में रिक्टर स्केल पर अलग-अलग तीव्रता के भूकंप आने की स्थिति का मॉडल तैयार किया गया। इसके जरिए भवनों को होने वाले संभावित नुकसान, जनहानि और आर्थिक क्षति का अनुमान लगाया गया। सर्वेक्षण के आधार पर प्रत्येक शहर का विस्तृत ‘रिस्क मैप’ भी तैयार किया गया, जिससे आपदा प्रबंधन एजेंसियों को राहत और बचाव रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
हाल ही में इस विषय पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें भूकंप जोखिम कम करने और सुरक्षित निर्माण मानकों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि नए अध्ययन से शहरों की भूकंपीय संवेदनशीलता का सटीक आकलन हो सकेगा और भविष्य की आपदा तैयारियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
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