दुर्ग सेंट्रल जेल में सजायाफ्ता कैदी की तबीयत बिगड़ने से मौत, अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांस

पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष की सजा काट रहा था 68 वर्षीय बंदी, सेल में अचानक बेहोश होने पर जिला अस्पताल ले जाया गया; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी मौत के कारणों की पुष्टि

दुर्ग सेंट्रल जेल में सजायाफ्ता कैदी की तबीयत बिगड़ने से मौत, अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांस

दुर्ग। दुर्ग सेंट्रल जेल में पॉक्सो एक्ट के तहत सजा काट रहे एक बंदी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। बुधवार शाम सेल में बेहोश होने पर जेल प्रशासन ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर बंदी की मौत बीमारी के कारण होना माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा।

सेल में अचानक बेहोश हुआ बंदी

जेल प्रशासन के अनुसार मृतक की पहचान गजानंद राव (68 वर्ष), पिता गणपत राव के रूप में हुई है। वह पॉक्सो एक्ट के एक मामले में 20 वर्ष के कारावास की सजा भुगत रहा था और 11 जून 2026 से दुर्ग सेंट्रल जेल में निरुद्ध था। बुधवार शाम करीब 5:45 बजे वह अपने सेल में बैठा था, तभी अचानक अचेत होकर गिर पड़ा।

जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

घटना की जानकारी मिलते ही जेल कर्मचारियों ने तत्काल बंदी को जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।

अस्थमा से पीड़ित था बंदी

जेल अधीक्षक मनीष सांभाकर के मुताबिक गजानंद राव लंबे समय से दमा (अस्थमा) की बीमारी से पीड़ित था। प्रारंभिक तौर पर उसकी मौत बीमारी के चलते होना प्रतीत हो रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगी।

वैधानिक कार्रवाई शुरू

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में पंचनामा और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।