राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, बोले- छात्रों की आवाज दबाने के लिए हुआ बल प्रयोग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल; शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, दोषियों पर कार्रवाई और प्रधानमंत्री से छात्रों से माफी की मांग
कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। नई दिल्ली में आयोजित विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्हें चोट भी आई। राहुल ने छात्रों पर बल प्रयोग की आलोचना करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं।
नई दिल्ली (ए)। नीट परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना हमला और तेज कर दिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को आयोजित लगभग 40 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र आंदोलन से जुड़े वीडियो, आंकड़े और प्रस्तुतीकरण के जरिए सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और उन्हें भी पुलिस कार्रवाई के दौरान चोटें आईं।
'मुझे घसीटा गया, चोट लगी'
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने उन्हें जबरन हटाया। उनका दावा था कि इस दौरान उन्हें घसीटा गया, जिससे उनके मुंह से खून निकला और उन्हें चोटें आईं। राहुल ने यह भी कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों ने निजी तौर पर उनसे सरकार बदलने जैसी बातें कहीं।
वीडियो दिखाकर पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन से जुड़े वीडियो प्रस्तुत किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिला छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, कई छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ और उन्हें जबरन हटाया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस पहले ही प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों का खंडन कर चुकी है।
पेपर लीक पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देशभर में 152 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिनसे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में अब तक दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना था कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
तीन प्रमुख मांगें रखीं
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
छात्र आंदोलन के दौरान बल प्रयोग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
प्रस्तुतीकरण के जरिए सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने इस बार भी स्लाइड और आंकड़ों के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक के मामलों और शिक्षा से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। पिछले कुछ वर्षों में भी वे विभिन्न मुद्दों पर इसी शैली में प्रस्तुतीकरण आधारित प्रेस कॉन्फ्रेंस करते रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के पुराने आंदोलन का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने वर्ष 1997 के ओडिशा पेपर लीक आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय धर्मेंद्र प्रधान स्वयं पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन का हिस्सा बने थे और पुलिस कार्रवाई में घायल हुए थे। कांग्रेस ने इसी संदर्भ में मौजूदा विवाद पर शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग दोहराई।
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