मोदी बोले- बच्चों को स्क्रीन से दूर करना है तो मैदान से जोड़ें
राष्ट्रीय पुरस्कार वाले शिक्षकों से संवाद में पब्लिक स्पीकिंग से लेकर ड्रेस कोड और बच्चों के व्यवहार पर हुई चर्चा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित 48 शिक्षकों से संवाद करते हुए बच्चों की बदलती आदतों और व्यवहार को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए उन्हें वास्तविक खेलों से जोड़ना जरूरी है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने एक शिक्षिका से पब्लिक स्पीकिंग सीखने के टिप्स भी मांगे।
प्रधानमंत्री ने शिक्षिका से पूछा कि यदि उन्हें एक अच्छा वक्ता बनना हो तो क्या करना चाहिए। शिक्षिका ने कहा कि अच्छे वक्ता के लिए सबसे पहले आत्मविश्वास जरूरी है। पीएम ने इसके बाद पूछा कि आत्मविश्वास कैसे विकसित किया जाए। जवाब में शिक्षिका ने नियमित अभ्यास को इसका आधार बताया।
वीडियो गेम की जगह मैदान में खेलें बच्चे
प्रधानमंत्री ने बच्चों के स्क्रीन इस्तेमाल को लेकर कहा कि यह कई मामलों में आदत या लत का रूप ले सकता है। ऐसे में बच्चों को खेलकूद की गतिविधियों से जोड़ना मददगार हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेल से आशय वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान पर खेले जाने वाले वास्तविक खेलों से है। नियमित शारीरिक गतिविधियों से बच्चों का ध्यान स्क्रीन से हटकर दूसरी रचनात्मक गतिविधियों की ओर जा सकता है।
ड्रेस कोड में जागरूकता और संवाद जरूरी
ड्रेस कोड के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में इससे संबंधित मामले सामने आए हैं। कई बार नियमों को पर्याप्त जानकारी या स्पष्टीकरण के बिना लागू करने से असमंजस की स्थिति पैदा होती है। ऐसे मामलों में जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को नियमों के पीछे का उद्देश्य समझाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
बच्चों के व्यवहार में बदलाव को नजरअंदाज न करें
प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि आज शिक्षकों को बच्चों के मन में पैदा होने वाली आशंकाओं और उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों के प्रति सजग रहना होगा। किसी फैसले या परिस्थिति का बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, इसे समझना भी शिक्षक की जिम्मेदारी का हिस्सा है।
शनिवार को प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों से बातचीत की। इस संवाद का पांच मिनट का वीडियो प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया। वहीं, शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करेंगी।
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