त्योहारों में मनमानी पर ब्रेक, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक DJ बंद

दुर्ग पुलिस की संचालकों के साथ बैठक में तय हुए नियम; सड़क पर पंडाल लगाकर रास्ता रोकने पर कार्रवाई, अस्पताल-स्कूल के 100 मीटर दायरे में रहेगा साइलेंस जोन

त्योहारों में मनमानी पर ब्रेक, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक DJ बंद

दुर्ग-भिलाई। त्योहारों के दौरान शहर की सड़कों पर शोर और अव्यवस्था रोकने के लिए दुर्ग पुलिस ने पहले ही व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में हुई बैठक में DJ, साउंड सिस्टम, पंडाल और किराया भंडार संचालकों को स्पष्ट कर दिया गया कि आयोजन के नाम पर यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रात 10 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक DJ और ध्वनि विस्तारक यंत्र चलाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। दिन में भी आवाज निर्धारित मानक से ऊपर पहुंचने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिलेभर के 50 से ज्यादा संचालकों को नियमों की जानकारी दी गई।

तय सीमा से ज्यादा आवाज हुई तो कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि का स्तर आसपास के सामान्य शोर से 10 डेसीबल से अधिक नहीं होना चाहिए। साथ ही अधिकतम सीमा 75 डेसीबल निर्धारित है। इनमें से कम सीमा लागू होगी। संचालकों को ध्वनि का स्तर जांचने के लिए साउंड मीटर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

100 मीटर का दायरा रहेगा शांत

अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, न्यायालय और सरकारी दफ्तरों के आसपास 100 मीटर का क्षेत्र शांत क्षेत्र के रूप में चिन्हित रहेगा। इस दायरे में तेज आवाज में DJ अथवा अन्य साउंड सिस्टम चलाने पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। जुलूस या अन्य कार्यक्रमों में वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाकर तेज आवाज करने पर भी रोक रहेगी।

पंडाल के लिए सड़क घेरना पड़ेगा महंगा

त्योहारों के दौरान पंडाल लगाने वालों को भी निर्धारित सीमा में रहना होगा। सड़क पर सफेद निशान के आगे पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। वाहन और पैदल चलने वालों के रास्ते के साथ-साथ आपातकालीन मार्ग खुला रखना अनिवार्य होगा।

आयोजन से पहले नगर निगम और संबंधित विभागों से अनुमति लेना जरूरी होगा। पुलिस ने अग्नि सुरक्षा और बिजली कनेक्शन की व्यवस्था की जांच कराने के साथ पंडाल की क्षमता और मजबूती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस ने संचालकों को बताया कि ये नियम शासन और न्यायालय के पूर्व निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप हैं। बैठक में उच्च न्यायालय के 20 नवंबर 2023 के आदेश और ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।