टी-20 वर्ल्ड कप जिताया, फिर भी कप्तानी गई; सूर्यकुमार बोले- मुझे लगा था ओलिंपिक तक टीम की कमान संभालूंगा
52 में से 42 टी-20 जिताने वाले सूर्या को चयनकर्ताओं ने हटाया; श्रेयस अय्यर बने कप्तान, इंग्लैंड-आयरलैंड सीरीज से भी हुए बाहर
नई दिल्ली (ए)। भारतीय टी-20 टीम को लगातार दो बड़ी ट्रॉफियां दिलाने वाले सूर्यकुमार यादव ने कप्तानी से हटाए जाने के फैसले पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा था कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी-20 वर्ल्ड कप तक वह टीम की अगुआई करेंगे, लेकिन चयनकर्ताओं के फैसले ने उन्हें चौंका दिया। कप्तानी जाने के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक इस बदलाव को समझने की कोशिश करते रहे।
आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर सूर्यकुमार ने कहा कि कप्तानी से हटाए जाने के बाद उन्होंने फैसले को व्यक्तिगत रूप से लेने के बजाय चयनकर्ताओं का नजरिया समझने की कोशिश की। उन्होंने माना कि टीम प्रबंधन और चयनकर्ता भविष्य के लिए नई दिशा में आगे बढ़ना चाहते होंगे।
तीन दिन पहले मिली थी जानकारी
सूर्यकुमार के मुताबिक, टीम की घोषणा से तीन दिन पहले चयन समिति ने उनसे बातचीत की थी। उन्हें बताया गया कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया जाएगा। चयनकर्ताओं ने इसे आगे बढ़ने का समय बताया।
सूर्या ने कहा कि उन्होंने इस फैसले का विरोध नहीं किया। उन्होंने चयनकर्ताओं से कहा कि यदि यह फैसला टीम के लिए बेहतर है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वह अपना खेल जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर दोबारा टीम में वापसी के लिए तैयार रहेंगे।
कप्तानी छिनी, फिर टीम से भी बाहर
2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद चयनकर्ताओं ने सूर्यकुमार से कप्तानी लेकर श्रेयस अय्यर को टीम का नया कप्तान बनाया। इसके बाद खराब फॉर्म का हवाला देते हुए सूर्यकुमार को इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टीम में जगह नहीं मिली।
कप्तानी में दो बड़ी ट्रॉफियां
सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया। 8 मार्च को मिली टी-20 वर्ल्ड कप की जीत के साथ भारत लगातार दो बार यह खिताब बचाने वाला पहला देश बना।
कप्तानी के आंकड़ों की बात करें तो सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 52 टी-20 खेले। इनमें 42 मुकाबलों में जीत, 8 में हार और 2 मैच बेनतीजा रहे। उनकी कप्तानी में टीम का जीत प्रतिशत 80.76 रहा।
बाहर होने के बाद भी सकारात्मक रहे सूर्या
सूर्यकुमार ने कहा कि टीम में नाम नहीं होने पर उन्होंने मुस्कुराते हुए स्थिति को स्वीकार किया। मैच के दौरान दबाव के क्षणों में भी उन्होंने खुद को शांत रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले की उम्मीद नहीं थी, लेकिन क्रिकेट में मिले अवसरों के लिए वह आभारी हैं।
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