राखी के बहाने साय का महिला सशक्तिकरण पर जोर, बोले- बहनों को लाभार्थी नहीं, विकास का भागीदार बना रहे

महतारी वंदन से 68 लाख महिलाओं को हर माह मदद, 13.85 लाख बनीं लखपति दीदी; ड्रोन और ई-रिक्शा से बढ़ी कमाई

राखी के बहाने साय का महिला सशक्तिकरण पर जोर, बोले- बहनों को लाभार्थी नहीं, विकास का भागीदार बना रहे

रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व इस बार महिला सशक्तिकरण के संदेश के साथ मनाया गया। विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राखी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों और विकास की मुख्यधारा का मजबूत भागीदार बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह उन्हें महिलाओं के हित में और अधिक समर्पण से काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने रक्षाबंधन को भाई-बहन के विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षा के रिश्ते का पर्व बताया।

मुख्यमंत्री निवास में महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की सदस्यों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, दिव्यांग महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। पद्मश्री डॉ. उषा बारले, महिला आयोग अध्यक्ष ममता साहू, फिल्म विकास निगम अध्यक्ष मोना सेन सहित कई प्रमुख महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

कर्नल दुबे की पत्नी ने बांधी राखी

स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। साय ने इस अवसर को भावुक और गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि कर्नल दुबे छत्तीसगढ़ से सेना में शामिल होने वाले पहले जवान थे।

1600 जवानों को बांधी राखी

मुख्यमंत्री ने ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों को महिलाओं ने राखी बांधकर देशसेवा के प्रति सम्मान जताया। इनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के जवान शामिल रहे।

उन्होंने कहा कि जवान त्योहारों पर भी परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना समाज की जिम्मेदारी है।

महतारी वंदन की 31वीं किस्त पहले जारी

साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन को देखते हुए 31वीं किस्त की 631 करोड़ रुपए से अधिक की राशि 25 अगस्त को ही महिलाओं के खातों में भेज दी गई।

उन्होंने कहा कि इस सहायता ने महिलाओं का आर्थिक भरोसा बढ़ाया है और वे इसका इस्तेमाल जरूरतों, शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत तथा छोटे रोजगार में कर रही हैं।

लक्ष्य 8 लाख था, 13.85 लाख महिलाएं लखपति बनीं

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने इसे महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता का परिणाम बताया।

ड्रोन से खेती, ई-रिक्शा से रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों की महिलाएं अब तकनीक आधारित कामों से भी जुड़ रही हैं। ड्रोन दीदियां खेतों में खाद और कीटनाशक का छिड़काव कर आय कमा रही हैं। प्रति एकड़ करीब 300 रुपए की आमदनी के साथ कुछ महिलाएं 20-25 एकड़ में काम कर रोजाना 6-7 हजार रुपए तक कमा रही हैं।

नवा रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां स्वरोजगार से जुड़ी हैं। जशपुर के बगिया में भी 50 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वाहन महिलाओं के लिए आय और आत्मसम्मान दोनों का साधन बन रहे हैं।

महिला उद्यमिता को नीति में बढ़ावा

साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन रखे गए हैं। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार रजिस्ट्रियां महिलाओं के नाम हुई हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को करीब 8.50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। महिलाओं को इसका लाभ उठाकर नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

बस्तर में बदला माहौल, विकास की राह मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद बस्तर में हिंसा और भय की जगह शांति तथा विकास का माहौल बन रहा है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका की सुविधाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचा रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। विकसित प्रदेश का निर्माण तभी संभव है, जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर हों। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं।