तीन राज्यों में बारिश का कहर: बिहार में 13 जिले डूबे, काशी में पलायन; हिमाचल में 175 सड़कें ठप

पटना में खतरे के निशान के ऊपर गंगा का बहाव, वाराणसी में 2,910 लोग प्रभावित; कालका-शिमला फोरलेन पर भी मलबे से यातायात बाधित

तीन राज्यों में बारिश का कहर: बिहार में 13 जिले डूबे, काशी में पलायन; हिमाचल में 175 सड़कें ठप

नई दिल्ली। लगातार बारिश ने बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिहार में गंगा और दूसरी नदियों का जलस्तर बढ़ने से 13 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब दो फीट ऊपर बह रही है। उधर, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में वरुणा नदी का पानी बढ़ने के बाद सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना पड़ा है। हिमाचल में बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने सड़क संपर्क प्रभावित कर दिया है।

बिहार में आठ नदियां बढ़ीं, गंगा सबसे ज्यादा उफनी

बिहार में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। इसका असर नदियों के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब दो फीट ऊपर बह रही है। प्रदेश की आठ नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है।

बाढ़ से प्रभावित 13 जिलों में निचले इलाकों की स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है।

वाराणसी में 407 परिवारों को सुरक्षित ठिकाना

उत्तर प्रदेश में बारिश के कारण नदियों के उफान पर आने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। वाराणसी में वरुणा नदी के किनारे रहने वाले 407 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अब तक 2,910 लोगों के विस्थापित होने की जानकारी है।

राहत और बचाव के लिए 36 नावों को मैदान में उतारा गया है। नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

हिमाचल में पहाड़ दरके, सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में भूस्खलन हुआ। मलबा सड़कों पर आने के कारण 175 से अधिक सड़कें बंद हो गईं। इससे कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ।

कालका-शिमला फोरलेन पर भी भारी मलबा गिरने से यातायात रुक गया। सड़क पर फंसे कई वाहन रातभर आगे नहीं बढ़ सके। बारिश और भूस्खलन से प्रभावित मार्गों को खोलने का काम जारी है।

बारिश के कारण तीनों राज्यों में नदी, पहाड़ी और निचले इलाकों में खतरा बढ़ा है। प्रशासन की ओर से राहत-बचाव कार्यों के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।