दुर्ग में जल संकट से राहत, 1.94 करोड़ के मोटर पंप प्रोजेक्ट को मंजूरी, इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

दुर्ग में जल संकट से राहत, 1.94 करोड़ के मोटर पंप प्रोजेक्ट को मंजूरी, इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

दुर्ग शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए लंबे समय से लंबित 1.94 करोड़ रुपए के मोटर पंप प्रोजेक्ट को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है।

दुर्ग शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए लंबे समय से लंबित 1.94 करोड़ रुपए के मोटर पंप प्रोजेक्ट को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। 24 एमएलडी फिल्टर प्लांट और शिवनाथ नदी स्थित इंटकवेल में मोटर बदलने की प्रक्रिया में आ रही तकनीकी अड़चनों और मंत्रालय स्तर पर फाइल अटकने के बाद अब नगर निगम की एमआईसी ने बिलासपुर की कंपनी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

टेंडर प्रक्रिया में पहले तकनीकी खामियां सामने आई थीं, जिसके कारण मामला लटका रहा। बाद में मंत्रालय से तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की गई। आठ निविदाओं के परीक्षण के बाद 1.21 करोड़ रुपए की न्यूनतम दर देने वाली बिलासपुर की कंपनी का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। गुरुवार को एमआईसी की बैठक में इसे अंतिम मंजूरी दी गई।

35 साल पुराने पंपों की होगी छुट्टी

शिवनाथ नदी स्थित इंटकवेल और 24 एमएलडी फिल्टर प्लांट में वर्तमान मेें 90 एचपी क्षमता के मोटर पंप लगे हैं, जो 30-35 वर्ष पुराने हैं। बार-बार मरम्मत के बावजूद उनकी पानी उठाने की क्षमता आधी रह गई थी। अब यहां 120 एचपी के आधुनिक वर्टिकल पंप लगाए जाएंगे। इससे रॉ-वॉटर लिफ्टिंग क्षमता बढ़ेगी और फिल्टर प्लांट अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित हो सकेगा।

गर्मी से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य

निगम प्रशासन के अनुसार मार्च से पानी की मांग बढ़ने लगती है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वर्क ऑर्डर जारी कर शीघ्र स्थापना कार्य शुरू करने की तैयारी है। लक्ष्य है कि अप्रैल-मई की भीषण गर्मी से पहले नई व्यवस्था शुरू कर दी जाए, ताकि शहरवासियों को जल संकट से राहत मिल सके।

मोटर पंपों की कम क्षमता के कारण शहर की नौ प्रमुख पानी टंकियां पूरी तरह नहीं भर पा रही थीं। नए पंप लगने के बाद पद्मनाभपुर, शक्ति नगर, हनुमान नगर, शंकर नगर, गिरधारी नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, बस स्टैंड और शनिचरी बाजार क्षेत्र की टंकियां भर सकेंगी। इससे न केवल मुख्य सडक़ों बल्कि गलियों के अंतिम छोर और ऊंचाई वाले इलाकों तक पर्याप्त दबाव के साथ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

मोटरों की क्षमता कम होने से लो-प्रेशर की समस्या बनी हुई थी। अब दर मंजूर हो चुकी है। अनुबंध प्रक्रिया पूरी कर जल्द काम शुरू कराया जाएगा, जिससे गर्मी से पहले समस्या का समाधान हो सके। - लीना दिनेश देवांगन, प्रभारी, जलगृह, नगर पालिक निगम दुर्ग