धीमी चाल से बढ़ेगा मानसून, गर्मी का कहर बरकरार: अगले हफ्ते केरल में दस्तक, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट
देशभर में मानसून की रफ्तार सुस्त रहने के संकेत, जून-सितंबर के बीच कई बार थम सकती है बारिश; उत्तर और मध्य भारत में तापमान 47 डिग्री के करीब पहुंचा
मानसून की रफ्तार पर मौसम विशेषज्ञों की नजर
अंडमान-निकोबार क्षेत्र तक पहुंच चुका दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे मुख्य भूमि की ओर बढ़ रहा है। अनुमान है कि 22 से 26 मई के बीच मानसून केरल पहुंच सकता है। हालांकि इस बार मानसून लगातार सक्रिय रहने के बजाय रुक-रुककर आगे बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जून से सितंबर के दौरान कई बार “मानसून ब्रेक” की स्थिति बन सकती है, यानी कुछ दिनों तक बारिश पूरी तरह थम सकती है।
लंबे ब्रेक से खेती पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून में आने वाले लंबे अंतराल का असर खरीफ फसलों और जल स्रोतों पर पड़ सकता है। कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश और असमान वितरण की आशंका जताई जा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहती है।
2002 जैसे हालात बनने की आशंका
मौसम जानकारों का कहना है कि इस बार परिस्थितियां कुछ हद तक वर्ष 2002 जैसी दिखाई दे रही हैं। उस साल मानसून समय से पहले केरल पहुंचा था, लेकिन पूरे देश में फैलने में काफी लंबा समय लगा था। इसी वजह से कई राज्यों में कमजोर बारिश दर्ज की गई थी।
उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी
मानसून की सुस्त चाल के बीच उत्तर और मध्य भारत में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अगले सात दिनों तक कई राज्यों में हीटवेव का असर बने रहने का अनुमान है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र के कई शहरों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
बांदा रहा सबसे गर्म शहर
उत्तर प्रदेश का बांदा सोमवार को देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पंजाब के बठिंडा में 47 डिग्री, महाराष्ट्र के वर्धा में 46.5 डिग्री, हरियाणा के सिरसा और राजस्थान के चित्तौड़गढ़-पिलानी में 46 डिग्री से अधिक तापमान दर्ज किया गया। गर्म हवाओं और तेज धूप ने दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।
आने वाले दिनों में राहत के आसार कम
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। मानसून के सक्रिय होने और बारिश बढ़ने के बाद ही तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। तब तक लोगों को तेज गर्मी और लू से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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