निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ बजरंग दल का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट का घेराव

फीस बढ़ोतरी, कम वेतन और गर्मी में स्कूल खोलने पर विरोध; प्रशासन को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन

  प्रदेश में निजी स्कूलों की कथित मनमानी और अनियमितताओं के खिलाफ बजरंग दल ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई और प्रशासन को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। गुरुवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और निजी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद 1 अप्रैल से नर्सरी और पहली कक्षा के बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को लू और तेज गर्मी में स्कूल भेजना पूरी तरह अनुचित है।

 फीस बढ़ोतरी और आर्थिक बोझ का मुद्दा

बजरंग दल के नेताओं ने कहा कि निजी स्कूल हर साल बिना पर्याप्त सुविधाएं दिए फीस में 10 प्रतिशत तक वृद्धि कर रहे हैं। इसके अलावा हर वर्ष नया सिलेबस लागू कर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

  किताब-ड्रेस में जबरन खरीद का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।

  शिक्षकों के वेतन पर भी सवाल

नेताओं ने कहा कि जहां स्कूल संचालक लाखों रुपये का वेतन ले रहे हैं, वहीं शिक्षकों को मात्र 8 से 10 हजार रुपये देकर उनका शोषण किया जा रहा है। इसे शिक्षा व्यवस्था का व्यापारीकरण बताया गया।

  उग्र आंदोलन की चेतावनी

बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी पर जल्द रोक नहीं लगाई, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।