बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदला मौसम का मिजाज, प्रदेश में छिटपुट बारिश

गरज-चमक और आंधी की चेतावनी; रायपुर-बिलासपुर में रिमझिम, तापमान में बड़ा बदलाव नहीं

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदला मौसम का मिजाज, प्रदेश में छिटपुट बारिश

रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर दिखने लगा है। राजधानी रायपुर और बिलासपुर में सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर बाद हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।

कुछ जिलों में हल्की बौछारें, सतर्क रहने की सलाह

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वातावरण में नमी बढ़ने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ छींटे पड़ने की भी संभावना जताई गई है। हालांकि व्यापक और तेज बारिश की आशंका फिलहाल नहीं है।

तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव के संकेत नहीं

आने वाले सात दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। इस अवधि में राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन में हल्की गर्मी और सुबह-रात में ठंडक का अहसास बना हुआ है।

बंगाल की खाड़ी में मजबूत कम दबाव का क्षेत्र

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम भाग में कम दबाव का मजबूत क्षेत्र सक्रिय है। इसके प्रभाव से समुद्री नमी ऊपरी वायुमंडल तक पहुंच रही है, जिससे बादलों का निर्माण तेज हुआ है। यह सिस्टम फिलहाल पश्चिम-उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है और अगले 48 घंटों तक सक्रिय रहने के संकेत हैं।

ट्रफ लाइन से बढ़ी नमी

इस सिस्टम से जुड़ी एक ट्रफ लाइन तमिलनाडु, कर्नाटक और दक्षिण महाराष्ट्र तक फैली हुई है। लगभग एक किलोमीटर की ऊंचाई पर बनी यह नमी की पट्टी समुद्री हवाओं को अंदरूनी इलाकों तक पहुंचा रही है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी हुई है।

ऊपरी हवा की हलचल से बन रहा असर

करीब 5 से 6 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ जैसी एक हलचल भी सक्रिय है। ऊपर की ठंडी हवा और नीचे से आ रही नमी मिलकर बादलों के विकास को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे गरज-चमक की स्थिति बन रही है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में अधिक प्रभाव

हालांकि यह सिस्टम सीधे प्रदेश के ऊपर नहीं है, फिर भी वातावरण में बढ़ी नमी के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर संभाग में बादल अधिक छाए रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की जा सकती है।

फरवरी में बदलता रहता है मौसम

फरवरी में आमतौर पर आसमान साफ रहता है, लेकिन उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कभी-कभी प्रदेश में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की स्थिति बनती है। कुछ वर्षों में इस महीने में अच्छी बारिश और न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट भी दर्ज की गई है। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों से बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।