बी-ऑप्टोमेट्री के छात्रों ने विश्वविद्यालय पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप, थाने पहुंचकर एफआईआर की मांग

काउंसिल रजिस्ट्रेशन का भरोसा देकर कराया प्रवेश, कोर्स पूरा होने के बाद नौकरी में आ रही परेशानी; छात्रों ने फीस वापसी और कार्रवाई की उठाई मांग

बी-ऑप्टोमेट्री के छात्रों ने विश्वविद्यालय पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप, थाने पहुंचकर एफआईआर की मांग

रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के बी-ऑप्टोमेट्री (2020-24 बैच) के छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गुमराह कर प्रवेश दिलाने का आरोप लगाते हुए मुजगहन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। छात्रों का कहना है कि प्रवेश के समय छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन और मान्यता मिलने का भरोसा दिया गया था, लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद भी रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने से रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। छात्रों ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

रायपुर। बी-ऑप्टोमेट्री (बैच 2020-24) के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को मुजगहन थाने पहुंचकर रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने प्रवेश के दौरान छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन और आवश्यक मान्यता मिलने का आश्वासन देकर दाखिला दिया, लेकिन चार वर्षीय पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद भी उन्हें काउंसिल का रजिस्ट्रेशन उपलब्ध नहीं कराया गया।

छात्रों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण वे सरकारी और निजी अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में नौकरी के लिए आवेदन करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उनका दावा है कि कई स्थानों पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होने के कारण उनकी डिग्री को स्वीकार नहीं किया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।

शिकायत में छात्रों ने बताया कि चार वर्षीय पाठ्यक्रम के दौरान प्रत्येक छात्र से प्रतिवर्ष लगभग 1.50 लाख रुपए शुल्क लिया गया। इस प्रकार एक छात्र ने करीब 6 लाख रुपए फीस के रूप में जमा किए। उनका आरोप है कि पढ़ाई के दौरान जब भी मान्यता और रजिस्ट्रेशन को लेकर सवाल उठाए गए, तब विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी होने का भरोसा दिया, लेकिन कोर्स समाप्त होने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई।

छात्रों ने यह भी दावा किया कि छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची में विश्वविद्यालय का नाम शामिल नहीं है। इसके बावजूद संबंधित पाठ्यक्रम संचालित किए गए, जिससे विद्यार्थियों को अब रोजगार और पंजीयन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मामले में जिला एनएसयूआई अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी भी छात्रों के समर्थन में मुजगहन थाने पहुंचे। छात्रों ने विश्वविद्यालय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।