बेंगलुरु में बारिश बनी कहर, अस्पताल की दीवार ढही; 7 की मौत, मृतकों में 3 बच्चे

सड़क किनारे खड़े लोग मलबे में दबे, 7 घायलों को बचाया गया; सीएम सिद्धारमैया ने पहुंचकर 5-5 लाख मुआवजे का ऐलान किया

बेंगलुरु में बारिश बनी कहर, अस्पताल की दीवार ढही; 7 की मौत, मृतकों में 3 बच्चे

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में लगातार हो रही भारी बारिश ने बुधवार को बड़ा हादसा करा दिया। बोवरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे सड़क किनारे मौजूद लोगों पर मलबा आ गिरा। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 3 बच्चे शामिल हैं, जबकि 7 घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया।

बेंगलुरु। शहर में जारी मूसलाधार बारिश के बीच बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बोवरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल की बाहरी दीवार अचानक गिर गई, जिसकी चपेट में सड़क किनारे मौजूद रेहड़ी-पटरी विक्रेता और राहगीर आ गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि 7 अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

प्रशासन की प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण अस्पताल की पुरानी दीवार कमजोर हो गई थी, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं विपक्ष ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सरकार को घेरा है। सरकार का कहना है कि हादसे वाली जगह पर रेहड़ी-पटरी कारोबारियों को सामान बेचने की अनुमति दी गई थी।

बताया गया है कि घायलों में तीन लोग केरल के रहने वाले हैं, जो बेंगलुरु घूमने आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि कई लोगों को मलबे से निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

गौरतलब है कि इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी भारी बारिश के दौरान बेंगलुरु के बाबूसापाल्या इलाके में सात मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिर गई थी, जिसमें 8 लोगों की मौत हुई थी।