रंगों के त्योहार पर लगेगा विराम: होली के दिन नहीं खुलेगी शराब दुकानें

रंगों के त्योहार पर लगेगा विराम: होली के दिन नहीं खुलेगी शराब दुकानें
  • सरकार ने बदला पूर्व निर्णय, आबकारी विभाग तैयार कर रहा आदेश
  • नई नीति में हटाया गया था होली को ड्राई डे की सूची से
  • सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
  • ✍️ इंट्रो

छत्तीसगढ़ में होली के दिन शराब बिक्री को लेकर संशय खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दिन प्रदेशभर में शराब दुकानें बंद रहेंगी। आबकारी विभाग इस संबंध में शीघ्र आदेश जारी करेगा। इससे पहले नई आबकारी नीति में होली को ड्राई डे की सूची से बाहर कर दिया गया था।

रायपुर। रंगों के पर्व होली पर इस बार प्रदेश में जाम नहीं छलकेगा। राज्य सरकार ने त्योहार के दिन शराब दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। यह फैसला सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

नई आबकारी नीति 2026-27 में पहले सात निर्धारित ड्राई डे में संशोधन करते हुए होली, मुहर्रम और 30 जनवरी (महात्मा गांधी निर्वाण दिवस) को सूची से हटा दिया गया था। इस बदलाव के बाद माना जा रहा था कि इन तिथियों पर दुकानें सामान्य रूप से संचालित होंगी।

हालांकि, होली को लेकर सरकार ने अब अलग निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था और जनभावनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। आदेश जारी होते ही सभी अधिकृत दुकानों पर प्रतिबंध लागू हो जाएगा।

चार दिन पहले से घोषित ड्राई डे

  • वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने चार तिथियों को आधिकारिक ड्राई डे घोषित किया है—
    26 जनवरी (गणतंत्र दिवस),
    15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस),
    2 अक्टूबर (गांधी जयंती) और
    18 दिसंबर (गुरु घासी दास जयंती)।

इनके अतिरिक्त अब होली के दिन भी दुकानें बंद रहेंगी।

पहले हो चुका है विरोध

उल्लेखनीय है कि 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया था। विभिन्न शहरों में दुकान के सामने नारेबाजी कर सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि ऐसे दिन दुकानें खुली रखना जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है।

इसी क्रम में होली पर बिक्री रोकने का निर्णय राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर आबकारी विभाग के औपचारिक आदेश पर है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।