सुशासन के नए अध्याय की शुरुआत: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – ‘जनसेवा में नवाचार और पारदर्शिता ही सच्चा प्रशासन’
रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रशासन के कामकाज को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और जनकेंद्रित बनाने पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री ने जिलों के नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है — “हर योजना का लाभ, हर नागरिक तक सरल और डिजिटल माध्यम से पहुँचे।”
रायपुर। मंत्रालय महानदी भवन में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के सभी जिलों से आए कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, विभागीय सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रशासनिक नवाचार, डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस और पारदर्शी सेवा वितरण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शासन तभी मजबूत बनता है जब प्रशासन जनता के जीवन को सरल बनाए। उन्होंने कहा — “नवाचार केवल प्रयोग न रहें, बल्कि जनसेवा के स्थायी समाधान बनें। हमारी प्राथमिकता है कि शासन के हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही दिखे।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर नवाचार में जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो और उसके प्रभाव का मूल्यांकन भी किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि “लोक सेवा गारंटी अधिनियम” के तहत निर्धारित समय में सेवा नहीं देने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साय ने कहा कि कार्यालयों में स्वच्छता और अनुशासन प्रशासन की पहचान होना चाहिए। उन्होंने ‘पुराने दस्तावेज हटाओ’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि अनुपयोगी फाइलें न केवल जगह घेरती हैं, बल्कि अव्यवस्था और नकारात्मक छवि भी पैदा करती हैं।
मुख्यमंत्री ने ई-ऑफिस प्रणाली को सुशासन की रीढ़ बताया और निर्देश दिए कि सभी विभाग निर्धारित समय में इसे पूर्ण रूप से लागू करें। उन्होंने कहा कि मैनुअल प्रणाली की जगह डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और फाइलों का निपटारा त्वरित होगा।
कार्यक्रम में जिलों के नवाचारों की प्रस्तुति दी गई। जशपुर जिले के ‘जशप्योर’ ब्रांड, दंतेवाड़ा के भूमि अभिलेख डिजिटाइजेशन और नारायणपुर के ‘इंटिफाई’ डेटा प्लेटफॉर्म को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि “छोटे जिलों में हो रहे ये नवाचार अब पूरे राज्य के मॉडल बन सकते हैं।”
मुख्यमंत्री ने रायपुर जिले की पहल ‘टीम प्रहरी’ की भी प्रशंसा की, जिसके माध्यम से अवैध अतिक्रमणों को हटाने और नागरिक शिकायतों के त्वरित निराकरण में बेहतर परिणाम मिले हैं।
मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि शासन व्यवस्था को अब “ट्रांसफॉर्मेशन मोड” में लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी समय पर कार्य करें और तकनीक को अपनाएं, तो जनता में विश्वास स्वतः बढ़ेगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने जिलों के नवाचारों पर आधारित ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि सुशासन एक दिन का काम नहीं, बल्कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया है।
साय ने कहा — “हम सब मिलकर ऐसा छत्तीसगढ़ बनाएंगे, जहाँ हर नागरिक को सम्मान, सुविधा और जवाबदेही के साथ शासन का लाभ मिले।”
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