बजट 2026: कर में राहत नहीं, लेकिन विकास की रफ्तार तेज करने का रोडमैप

हेल्थ, रेल, आयुर्वेद और शिक्षा पर बड़े ऐलान; 17 कैंसर दवाएं ड्यूटी फ्री, 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर मंजूर

बजट 2026: कर में राहत नहीं, लेकिन विकास की रफ्तार तेज करने का रोडमैप

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में शनिवार को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। लगातार नौवीं बार बजट पेश करते हुए उन्होंने करदाताओं को कोई सीधी राहत नहीं दी और इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव से साफ इनकार किया। हालांकि सरकार ने हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, आयुर्वेद और शिक्षा क्षेत्रों में बड़े निवेश और योजनाओं की घोषणा कर विकास को गति देने का स्पष्ट संकेत दिया।

नई दिल्ली (ए)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 को स्थिरता और विस्तार का बजट करार देते हुए कहा कि सरकार का फोकस आर्थिक अनुशासन बनाए रखते हुए देश की विकास यात्रा को तेज करने पर है। बजट में इनकम टैक्स स्लैब को यथावत रखा गया है, लेकिन करदाताओं को राहत देते हुए रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिसमें रिटर्न फॉर्म को और सरल बनाया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने आम मरीजों को राहत देते हुए कैंसर की 17 अहम दवाओं पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी पूरी तरह समाप्त करने का ऐलान किया। इसके साथ ही हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों को भी आयात शुल्क से मुक्त किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे गंभीर बीमारियों का इलाज अधिक सुलभ और किफायती होगा।

रेलवे और कनेक्टिविटी को नई गति देने के लिए 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी जैसे रूट्स को विकास के नए गलियारे के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे।

आयुर्वेद और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने 3 नए आयुर्वेदिक एम्स खोलने की घोषणा की है। साथ ही भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप पेश किया गया है। अगले पांच वर्षों में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे।

शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों को केंद्र में रखते हुए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी, जिससे डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है। वहीं रक्षा बजट को बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसमें सैन्य आधुनिकीकरण के लिए विशेष फंड शामिल है।

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट तीन मूल स्तंभों—रफ्तार, क्षमता और समावेशन—पर आधारित है। सरकार का दावा है कि यह बजट देश को मजबूत अर्थव्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी और समावेशी विकास की दिशा में आगे ले जाएगा।