संसद में पेश हुआ देश की अर्थव्यवस्था का लेखा-जोखा, GDP ग्रोथ 7.2% तक पहुंचने का अनुमान
कोनॉमिक सर्वे में रोजगार, महंगाई और कृषि की स्थिति पर सरकार का आकलन
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया। सर्वे के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया गया है। सरकार ने इसे देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत बताया है।
इकोनॉमिक सर्वे में यह भी दावा किया गया है कि देश में करीब 56.2 करोड़ लोगों के पास रोजगार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी के चलते आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है।
महंगाई को लेकर क्या कहता है सर्वे
इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का अनुमान है कि आने वाले वर्ष में महंगाई दर नियंत्रित दायरे में बनी रहेगी। महंगाई के 4 प्रतिशत के लक्ष्य के साथ ±2 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहने की उम्मीद जताई गई है।
खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार और रबी की बेहतर बुआई को देखते हुए दिसंबर 2025 में आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई अनुमान को 2.6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया था।
आरबीआई के आकलन के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में महंगाई दर 3.9 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में करीब 4 प्रतिशत रह सकती है।
खेती और रोजगार पर असर
सर्वे में कृषि क्षेत्र की स्थिति को भी स्थिर बताया गया है। बेहतर मानसून, उत्पादन में सुधार और ग्रामीण मांग में बढ़ोतरी को आर्थिक मजबूती के प्रमुख कारक माना गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन स्थितियों का सीधा असर रोजगार और उपभोक्ता मांग पर पड़ेगा।
कुल मिलाकर, इकोनॉमिक सर्वे में सरकार ने आर्थिक स्थिरता, नियंत्रित महंगाई और विकास की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
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