845 दिन की हिरासत… बेटे की चिंता और देशभर में प्रदर्शन, CM अफरीदी पर हमला

कासिम बोले—6 हफ्तों से पिता ‘डेथ सेल’ में, सरकार असली हालत छिपा रही; सेना के आदेश पर CM पर कार्रवाई का आरोप

845 दिन की हिरासत… बेटे की चिंता और देशभर में प्रदर्शन, CM अफरीदी पर हमला

पाकिस्तान में इमरान खान की हालत को लेकर छिड़ा विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे कासिम खान ने दावा किया है कि 845 दिन से हिरासत में उनके पिता की कोई खबर नहीं है और सरकार उनके जीवित होने तक की पुष्टि नहीं कर रही। इसी बीच अडियाला जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस द्वारा पीटे जाने का वीडियो सामने आने के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

 इस्लामाबाद (ए)। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत और स्थिति को लेकर बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। उनके बेटे कासिम खान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पिता के जिंदा होने का ही सबूत मांगकर नई बहस छेड़ दी है। कासिम ने लिखा कि उन्हें 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था और पिछले छह हफ्तों से उन्हें एकांत कारावास, जिसे ‘डेथ सेल’ कहा जाता है, में रखा गया है। इस दौरान न परिवार को मिलने दिया गया, न फोन कॉल, न कोई संदेश।

कासिम ने आरोप लगाया कि यहां तक कि उनकी बुआओं को भी अपने भाई से मिलने से रोका जा रहा है। यह सब किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं, बल्कि उनकी हालत को छिपाने के लिए जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है। उन्होंने X पर एक पोस्टर भी साझा किया जिसमें लिखा है— “इमरान खान को 845 दिन से अवैध हिरासत में रखा गया है।”

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब इमरान खान के समर्थन में रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी पर पुलिस ने हमला कर दिया। वायरल वीडियो में अफरीदी को पुलिसकर्मी सड़क पर गिराकर लात-घूंसे मारते दिखाई दे रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि यह कार्रवाई सेना के निर्देश पर हुई। जब CM अफरीदी जेल पहुंचे, तब वहां सुरक्षा बलों की भारी तैनाती थी और PTI समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी। अफरीदी की मौजूदगी से तनाव और बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोका और धक्का-मुक्की के बीच मारपीट कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया।

PTI ने घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हमला करार दिया है। चार दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर एक बार फिर राजनीतिक दमन के आरोप लग रहे हैं।

पाकिस्तान की राजनीति में इमरान खान का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है और उनके ‘जीवित होने के प्रमाण’ की मांग ने देश की सियासी हलचल को और तेज कर दिया है।