यूके और फ्रांस ने बैठक के लिए भारत को किया आमंत्रित, होर्मुज स्ट्रेट पर 40 देश कर रहे बैठक

यूके और फ्रांस ने बैठक के लिए भारत को किया आमंत्रित, होर्मुज स्ट्रेट पर 40 देश कर रहे बैठक

भारत को यूके और फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा पहल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। साथ ही इजराइल-लेबनान के बीच 10 दिन का संघर्षविराम लागू होने से क्षेत्रीय हालात पर भी नजर बनी हुई है।

दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिने जाने वाले होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच भारत को UK और फ्रांस की तरफ से एक खास पहल में शामिल होने का न्योता मिला है। पेरिस में यूके और फ्रांस ने 40 देशों की बैठक बुलाई है। जिसका मकसद अहम समुद्री होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग में सुरक्षित आवाजाही बहाल करना है। भारत ने जानकारी दी है कि उसे भी इस बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है।विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

जानें डिटेल्स

दरअसल, यह पहल समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने से जुड़ी है। होर्मुज जलडमरूमध्य कोई आम रास्ता नहीं है, यह वह जगह है जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। यही वजह है कि कई देश मिलकर इसे सुरक्षित रखने की कोशिश में जुटे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत से इस योजना में शामिल होने के लिए कहा गया है ताकि इस अहम जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

सीजफायर के बीच बैठक

यह बैठक ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया का माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ है। हाल ही में इजराइल और लेबनान के बीच जारी तनाव में थोड़ी राहत देखने को मिली है। दोनों देशों के बीच 10 दिनों का संघर्षविराम लागू हुआ है। इससे पहले कई हफ्तों तक सीमा पर झड़पें और हमले जारी थे, जिनमें हिजबुल्लाह भी शामिल रहा।

हालांकि यह संघर्षविराम अभी नाजुक माना जा रहा है, लेकिन इसके बीच होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चिंता साफ दिखाई दे रही है। कुल मिलाकर, दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या बड़े देश मिलकर इस अहम समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने में सफल हो पाएंगे या नहीं।