साइबर ठगी का खतरनाक ट्रेंड, आम आदमी से लेकर नेता तक असुरक्षित, एक्सपर्ट ने दिए सावधानी के टिप्स

साइबर ठगी का खतरनाक ट्रेंड, आम आदमी से लेकर नेता तक असुरक्षित, एक्सपर्ट ने दिए सावधानी के टिप्स

डिजिटल दौर में साइबर ठगी का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। अब सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि नेता, अधिकारी और बड़े कारोबारी भी साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं।

राजधानी में ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आम जनता ही नहीं हाई प्रोफाइल व्यक्ति भी ठगी के शिकार हो रहे हैं। विधायक पुरंदर मिश्रा हाल ही में साइबर ठगों के शिकार बन गए। ठग ने खुद को भाजपा के बड़े नेता का निजी सहायक बताकर उनसे 10000 रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। यह घटना छत्तीसगढ़ में साइबर फ्रॉड बढ़ती समस्या को उजागर करती है। हालांकि पुलिसिया कार्रवाई भी तेजी से जारी है, लेकिन जिस अनुपात में शिकायतें हैं उस हिसाब से रिकवरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में जागरुकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा उपाय है।

विधानसभा में दिए गए आंकड़े

जनवरी 2024 से जून 2025 तक 1301 साइबर क्राइम केस दर्ज किए गए। इसमें पीडि़तों को 107 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

एनसीआरपी पोर्टल के आंकड़े : जनवरी 2023 से जून 2025 तक छत्तीसगढ़ से 67389 साइबर फ्रॉड की शिकायतें प्राप्त हुईं जिसमें 791 करोड़ रुपए का नुकसान

केस 1: म्यूल अकाउंट गिरोह

रायपुर पुलिस ने 101 म्यूल अकाउंट होल्डर्स को गिरफ्तार किया। इन अकाउंट्स के जरिए देशभर के पीडि़तों से 1.57 करोड़ की ठगी हुई थी। पुलिस ने 1.06 करोड़ फ्रीज कराया। यह छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा म्यूल अकाउंट ऑपरेशन था।

केस 2: अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर ठगी

रायपुर पुलिस ने तीन अवैध कॉल सेंटर्स पर छापा मारकर 42 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरोह अमरीकी नागरिकों को लोन और सिबिल स्कोर सुधार के नाम पर ठग रहा था। दो साल में गिरोह ने 50 करोड़ से ज्यादा की ठगी की। मास्टरमाइंड विकास नरेंद्र शुक्ला को शोलापुर से पकड़ा गया।

केस 3: 14 लाख से लेकर 88 लाख रुपए तक की ठगी

रायपुर में साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई/आरबीआई और पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और करोड़ों की ठगी की। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पीडि़तों से 14 लाख से लेकर 88 लाख रुपए तक की ठगी हुई थी।

केस 4: पुलिस जवान से 20 लाख की ऑनलाइन ठगी

पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में पदस्थ एक कांस्टेबल को टेलीग्राम ग्रुप और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 20 लाख रुपए की चपत लगा दी गई। आरोपी हाई रिटर्न का लालच देकर पैसा अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराते रहे।

केस 5 : मैट्रिमोनियल और सोशल मीडिया स्कैम

रायपुर और झारखंड से जुड़े एक साइबर गिरोह ने फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर देशभर के लोगों को शादी और दोस्ती के नाम पर ठगा। गिरोह सोशल मीडिया और फेक कॉल सेंटर के जरिए लोगों से पैसे ऐंठता था। पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

ये सावधानी जरूरी

अनजान नंबर या वाट्सऐप से कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें।

ओटीपी पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी के साथ शेयर न करें।

फर्जी पीए, सीबीआई/ईडी वाले कॉल पर तुरंत शक करें।

हर अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड और टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन लगाएं।

नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट चेक करें और संदिग्ध लिंक क्लिक न करें।

ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबरक्राइमडॉटजीओवीडॉटइन में शिकायत करें

(जैसा कि एक्सपर्ट मनीष सिंह ने बताया)