अब हेलमेट ही बनी सुरक्षा की ढाल, सख्ती के बाद दिखने लगा बड़ा बदलाव
प्रशासन की कार्रवाई और पेट्रोल पंपों की सख्ती से जागरूक हुआ समाज, लोग खुद एक-दूसरे को समझाने लगे
सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर अब तस्वीर बदलने लगी है। प्रशासन की सख्ती और पेट्रोल पंपों के कड़े कदमों के बाद लोग न केवल हेलमेट खरीद रहे हैं, बल्कि घर में रखे पुराने हेलमेट भी सुधार रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि अब संस्थाओं और आम नागरिकों की पहल से समाज में जागरूकता का नया माहौल बन रहा है।
अमिताभ भट्टाचार्य
भिलाई दुर्ग। सड़क पर सुरक्षा का रंग अब साफ नजर आने लगा है। प्रशासन के सख्त रुख और पेट्रोल पंप संचालकों के हेलमेट नियम लागू करने के बाद लोगों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। बाजारों में हेलमेट की मांग बढ़ी है, लोग अपने पुराने हेलमेट को भी दुरुस्त करवा रहे हैं और बाइक पर चढ़ते ही हेलमेट पहनने की आदत अपना रहे हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं, अब संस्थाएं भी लोगों को जागरूक करने आगे आई हैं। मोहल्लों और दफ्तरों में लोग एक-दूसरे को समझा रहे हैं कि हेलमेट क्यों जरूरी है। बातचीत में भी बदलाव महसूस हो रहा है—लोग खुद बता रहे हैं कि यह केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे सरल उपाय है।
परिवार की उम्मीदें, जीवन की अहमियत और नियमों का महत्व—यही संदेश समाज में गूंज रहा है। प्रशासन भी यही कह रहा है कि नियम आपके लिए हैं, ताकि आप सुरक्षित लौट सकें। इसलिए अब वक्त है कि हर बार घर से निकलते समय बाइक चलाते वक्त हेलमेट को अपनी आदत बना लिया जाए।
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