अभिषेक बनर्जी पर चुनावी भाषण को लेकर FIR, अमित शाह पर बयानबाजी बनी विवाद की वजह

TMC सांसद पर भड़काऊ और धमकी भरे भाषण देने का आरोप उत्तर 24 परगना के बिधाननगर साइबर थाने में मामला दर्ज शिकायतकर्ता ने चुनावी सभाओं के वीडियो पुलिस को सौंपे अमित शाह और चुनाव आयोग पर दिए बयानों को लेकर विवाद गहराया

अभिषेक बनर्जी पर चुनावी भाषण को लेकर FIR, अमित शाह पर बयानबाजी बनी विवाद की वजह

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए भाषणों को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी कानूनी विवाद में घिर गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के प्रमुख नेता अभिषेक के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित तौर पर धमकी भरी टिप्पणी करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। मामला उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।

कोलकाता (ए)। सामाजिक कार्यकर्ता राजीब सरकार ने 5 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 27 अप्रैल से 3 मई के बीच चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कई ऐसे बयान दिए, जिनसे सामाजिक तनाव और राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। शिकायत के साथ भाषणों के वीडियो लिंक भी पुलिस को सौंपे गए।

पुलिस ने जांच के बाद 15 मई को दोपहर करीब 2:45 बजे बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज कर ली।

FIR में लगाए गए प्रमुख आरोप

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक अभिषेक बनर्जी के भाषणों में कथित रूप से भड़काऊ और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि उनके बयान सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।

इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से कथित तौर पर धमकी भरे बयान देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि चुनावी सभाओं में विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ तीखी और उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया।

अमित शाह को लेकर दिए गए बयान चर्चा में

10 अप्रैल

अभिषेक बनर्जी ने सीमा पार घुसपैठ के मुद्दे पर कहा था कि यदि घुसपैठ हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की है, क्योंकि सीमा सुरक्षा बल केंद्र के अधीन आता है।

16 अप्रैल

पूर्व मेदिनीपुर के भगवानपुर में आयोजित रैली में उन्होंने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा था कि 4 मई को कोलकाता में मौजूद रहिए, तब असली ताकत का पता चल जाएगा। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया था।

25 अप्रैल

एक अन्य चुनावी सभा में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाताओं को डराने की राजनीति कर रही है और चुनाव में हार की आशंका के चलते माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है।

2 मई

अभिषेक ने चुनाव आयोग और अमित शाह का नाम लेते हुए कहा था कि बंगाल की जनता लोकतंत्र को दबाने की हर कोशिश का जवाब देगी।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

FIR दर्ज होने के बाद बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इसे कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादा से जुड़ा मुद्दा बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रही है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।