रूट प्लानिंग में बड़ी चूक! 900 किमी की जगह 1400 किमी दौड़ी वंदे भारत, यात्रियों ने झेला 28 घंटे का सफर
साबरमती से गुरुग्राम जा रही ट्रेन गलत रूट पर पहुंची, हाई-राइज पैंटोग्राफ न होने से बदलना पड़ा मार्ग — रेलवे ने माना ऑपरेशनल गलती
भारतीय रेलवे की आधुनिकता और गति का प्रतीक मानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस एक बड़ी चूक की शिकार हो गई। साबरमती से गुरुग्राम जाने वाली स्पेशल वंदे भारत को जहां 898 किलोमीटर का सफर तय करना था, वहीं तकनीकी गड़बड़ी और ऑपरेशनल त्रुटि के कारण उसे 1400 किलोमीटर की लंबी यात्रा करनी पड़ी। नतीजा — 15 घंटे की जगह यात्रियों को 28 घंटे तक ट्रेन में रहना पड़ा।
नई दिल्ली (ए)। भारतीय रेलवे की प्रतिष्ठित वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। 5 अक्टूबर को साबरमती से गुरुग्राम के लिए रवाना हुई स्पेशल वंदे भारत ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग से भटक गई और 900 किलोमीटर की जगह लगभग 1400 किलोमीटर का सफर तय कर गई।
ट्रेन शाम 6 बजे साबरमती स्टेशन से निकली थी। इसे अजमेर, जयपुर होते हुए गुरुग्राम पहुँचना था। लेकिन मेहसाणा के पास तकनीकी समस्या आने के बाद यात्रा का रुख ही बदल गया। दरअसल, ट्रेन के रेक में हाई-राइज पैंटोग्राफ नहीं लगा था — जो ओवरहेड वायर (OHE) के ऊँचे स्तर वाले ट्रैक पर आवश्यक होता है।
चूंकि अजमेर-दिल्ली रूट पर हाई-राइज OHE सिस्टम मौजूद है, इसलिए ट्रेन का संचालन उस मार्ग से संभव नहीं था। परिणामस्वरूप अधिकारियों ने ट्रेन को वैकल्पिक मार्ग — अहमदाबाद, उदयपुर, कोटा, जयपुर, मथुरा होते हुए गुरुग्राम — की ओर मोड़ दिया। इस डायवर्जन से ट्रेन की यात्रा लगभग 500 किलोमीटर बढ़ गई और यात्रियों को 28 घंटे की थकाऊ यात्रा झेलनी पड़ी।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि 15 घंटे की तय यात्रा लगभग दोगुनी हो गई। एक यात्री ने लिखा — “हमने वंदे भारत की स्पीड के लिए टिकट लिया था, लेकिन अनुभव स्लीपर ट्रेन से भी धीमा निकला।” रेलवे अधिकारियों ने इस घटना को “ऑपरेशनल मिस” माना है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “ट्रेन को रवाना करने से पहले पैंटोग्राफ की तकनीकी जांच नहीं की गई थी। सौभाग्य से कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह चूक गंभीर है।”
रेलवे बोर्ड ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएँ रेलवे की हाई-स्पीड सेवा की साख को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
suntimes 