आवास के आंकड़ों पर सियासी घमासान, भूपेश बोले- राशि नहीं मिली; विजय ने गिनाए 18 लाख घर

रायपुर प्रेस क्लब में खुली बहस में दोनों नेताओं ने रखे दावे, पोर्टल और केंद्र की फंडिंग पर भी आमने-सामने हुए

आवास के आंकड़ों पर सियासी घमासान, भूपेश बोले- राशि नहीं मिली; विजय ने गिनाए 18 लाख घर

रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर छत्तीसगढ़ में चल रही सियासी खींचतान मंगलवार को खुली बहस तक पहुंच गई। रायपुर प्रेस क्लब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने करीब 80 मिनट तक आमने-सामने अपने पक्ष रखे। बघेल ने कांग्रेस शासन के दौरान करीब 7 लाख आवास स्वीकृत किए जाने और केंद्र से राशि नहीं मिलने का दावा किया, जबकि शर्मा ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में 18 लाख आवास स्वीकृत होने और 17 लाख 75 हजार मकान पूरे होने की बात कही।

भूपेश का दावा- 6.97 लाख आवास की मंजूरी दी

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल के दौरान पीएम आवास से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 मकान स्वीकृत किए गए थे। इनमें 1 लाख 39 हजार मकान पूरे हुए। इसके बाद वर्ष 2020-21 में 1 लाख 97 हजार 811 आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसमें 1 लाख 22 हजार मकान पूरे किए गए।

बघेल ने कहा कि कोरोना महामारी के समय आर्थिक संकट के कारण परिस्थितियां अलग थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022-23 में पीएम आवास का पोर्टल बंद कर दिया गया था। केंद्र से राज्य के हिस्से की राशि जारी करने के लिए लगातार पत्राचार किया गया।

उनके अनुसार 2011 की जनगणना के आधार पर राज्य में करीब 18 लाख आवासों की जरूरत बाकी थी। इनमें से कांग्रेस सरकार ने 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए थे।

विजय का पलटवार- भाजपा सरकार ने ढाई साल में खर्च किए 16 हजार करोड़

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बघेल के दावों पर पलटवार करते हुए कहा कि आंकड़ों को जोड़ने में सावधानी जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के दौरान 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं।

शर्मा ने कहा कि भारत सरकार की वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 17 लाख 75 हजार पीएम आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने देश में सबसे अधिक पीएम आवास बनाए।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान वित्तीय स्वीकृति के बावजूद कई आवास पूरे नहीं हो पाए थे। शर्मा के मुताबिक कांग्रेस सरकार के पांच साल में करीब 3,900 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति थी और करीब 3 लाख मकान पूरे हुए, जबकि भाजपा सरकार ने ढाई साल में करीब 16 हजार करोड़ रुपए खर्च किए।

पोर्टल पर अलग-अलग दावे

बहस का एक बड़ा मुद्दा पीएम आवास पोर्टल भी रहा। विजय शर्मा ने कहा कि कोरोना के दौरान भी राशि जारी हो रही थी और पोर्टल बंद नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने योजना को लेकर अलग रुख अपनाया था।

इसके जवाब में भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र ने राशि जारी नहीं की और पोर्टल भी बंद था। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में वास्तविकता क्या है, इसकी पड़ताल पत्रकार स्वयं कर सकते हैं।

'सच जानना है तो Grok से पूछिए'

आंकड़ों को लेकर बहस के बीच विजय शर्मा ने Grok का जिक्र करते हुए कहा कि सही जानकारी के लिए उससे भी पूछा जा सकता है। उन्होंने सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों को आधार बताया।

बघेल ने जवाब में कहा कि कौन सच बोल रहा है, यह पत्रकार खुद तथ्यों की जांच कर तय कर लेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के आंकड़ों और दावों पर लगातार सवाल उठाए।

यह बहस दोनों नेताओं की ओर से पीएम आवास योजना पर एक-दूसरे को दी गई चुनौती के बाद तय हुई थी। रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था को लेकर कुछ पत्रकारों ने नाराजगी भी जताई।