एक्साइज कटौती पर सियासत तेज: दीपक बैज बोले—जनता नहीं, कंपनियों को मिल रहा फायदा
कोविड काल में बढ़ी ड्यूटी से कमाए गए मुनाफे का मुद्दा उठा
रायपुर। रायपुर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। Deepak Baij ने केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने डीजल को विशेष एक्साइज ड्यूटी से मुक्त कर दिया है और पेट्रोल पर करीब 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है, लेकिन इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। बाजार में कीमतों में कोई खास गिरावट देखने को नहीं मिल रही।
बैज ने आरोप लगाया कि इस कर कटौती का सीधा फायदा तेल कंपनियों को मिल रहा है, जबकि आम जनता को राहत नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी की गई थी, जिससे सरकार ने बड़ी मात्रा में राजस्व अर्जित किया।
उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सरकार को उसी राजस्व का उपयोग कर आम लोगों को राहत देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
इस बीच, केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपए की एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला लिया है। पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर 10 रुपए की ड्यूटी को शून्य कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच घरेलू बाजार में दरों को नियंत्रित रखना बताया जा रहा है।
दरअसल, Middle East में तनाव, खासकर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इससे तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है और वे कीमतों में वृद्धि कर सकती थीं।
ऐसे में सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में कटौती को कीमतों को स्थिर रखने के उपाय के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन विपक्ष इसे आम जनता के लिए अपर्याप्त राहत बता रहा है।
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