ईरान से जल्द खत्म होगी जंग? अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो दावे के साथ बोले-ग्राउंड ऑन बूट्स की जरूरत नहीं
ईरान पर अमेरिका-इजरायल की बड़ी कार्रवाई! विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कब खत्म होगा सैन्य अभियान। जानें क्यों नहीं पड़ेगी ग्राउंड फोर्स की जरूरत और होर्मुज स्ट्रेट पर क्या है अमेरिका का नया प्लान।
ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया है। इसी बीच, मध्य-पूर्व में जंग की समाप्ति को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तरफ से बड़ा बयान दिया गया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान समय-सीमा के अनुसार या उससे आगे चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके लक्ष्य महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरे हो जाएंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पेरिस में G7 सहयोगियों के साथ बैठक के बाद कहा, इस मिशन की शुरुआत से ही स्पष्ट रूपरेखा तय की गई थी। हम ईरान की नौसेना और वायुसेना को नष्ट करेंगे। हम मूल रूप से उनकी मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता को उनकी फैक्ट्रियों में खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की मिसाइल लॉन्चरों की संख्या को सीमित करना है, जिससे इनके पीछे छिपकर वे परमाणु हथियार बनाने और दुनिया को धमकाने में सक्षम नहीं रहें।
ग्राउंड ऑन बूट्स की जरूरत नहीं
ईरान के खिलाफ जमीन पर सेना उतारे जाने को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ-साफ बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को बिना ग्राउंड ऑन बूट्स यानी जमीन पर सैनिकों को उतारे बिना हासिल किया जा सकता है।
मार्को रुबियो ने ईरान की सरकार और वहां की जनता के बीच के अंतर का भी उल्लेख किया है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को कट्टर शिया धर्मगुरु शासन बताते हुए कहा वहां के लोग शानदार है। वे इससे कहीं बेहतर के हकदार है
होर्मुज स्ट्रेट में टोल प्रणाली स्वीकार्य नहीं
मार्को रुबियो ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान वहां टोल प्रणाली लागू करने की कोशिश करता है। इस कोशिश को उन्होंने अवैध, अस्वीकार्य और खतरनाक बताते हुए कहा कि दुनिया इसके खिलाफ योजना बनाए, अमेरिका इसमें भाग लेने को तैयार है। हमारे लिए इसका नेतृत्व करना जरूरी नहीं है।
परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे
मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान पहले से ही कमजोर है। जब अगले कुछ हफ्तों में हम अपना काम पूरा कर लेंगे तो वे और भी कमजोर होंगे। ऐसे शासन को परमाणु हथियार हासिल करने देना पागलपन होगा।
वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध पर उन्होंने कहा कि हम उस जंग को समाप्त करने के लिए जो भी रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं, उसके लिए तैयार हैं। फिलहाल इसको लेकर कोई बैठक तय नहीं हैं।
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