31 मार्च तक टैक्स नहीं भरा तो रायपुर में संपत्ति होगी सील, अल्टीमेटम जारी…

31 मार्च तक टैक्स नहीं भरा तो रायपुर में संपत्ति होगी सील, अल्टीमेटम जारी…

छत्तीसगढ़ के रायपुर में वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन से पहले रायपुर नगर निगम ने संपत्तिकर वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन से पहले रायपुर नगर निगम ने संपत्तिकर वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। निगम प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि 31 मार्च तक टैक्स जमा नहीं करने वाले बकायादारों की संपत्तियों को कुर्क कर सीलबंद किया जाएगा। साथ ही बकाया राशि पर 17 प्रतिशत अधिभार भी लगाया जाएगा, जिससे बकायादारों में हड़कंप मच गया है।

 विकास कार्यों के लिए जरूरी राजस्व

निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में सड़क, सफाई, जल आपूर्ति और अन्य विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राजस्व बेहद जरूरी है। लेकिन कई बकायादार वर्षों से कर का भुगतान नहीं कर रहे हैं। ऐसे मामलों में अब किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नागरिकों को अंतिम मौका देते हुए नगर निगम ने 29 मार्च (शनिवार) और 31 मार्च (महावीर जयंती) को भी सभी 10 जोन कार्यालयों के राजस्व काउंटर खुले रखने का निर्णय लिया है।

छुट्टियों में भी खुले रहेंगे काउंटर

अधिकारियों का कहना है कि अब अवकाश का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। निगम ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देते हुए ‘मोर रायपुर’ एप और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे टैक्स जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। इससे नागरिक लंबी कतारों से बचकर आसानी से भुगतान कर सकते हैं।

करोड़ों के बकायादारों पर सख्त नजर

निगम की सूची में कई बड़े सरकारी और निजी संस्थान शामिल हैं, जिन पर करोड़ों रुपये का संपत्तिकर बकाया है। प्रमुख बकायादारों में बीएसएनएल (फाफाडीह चौक), छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल (कमल विहार), स्टेट पावर सप्लाई कंपनी (डीडीयू नगर) और गृह निर्माण मंडल जैसे संस्थान शामिल हैं। इन पर कार्रवाई की तैयारी भी तेज कर दी गई है।

जोन-वार लक्ष्य तय, बढ़ा दबाव

राजस्व वसूली को गति देने के लिए निगम ने जोन-वार लक्ष्य निर्धारित किए हैं। जोन-8, 9 और 10 को 10-10 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है, जबकि जोन-1 और 4 को 5-5 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य सौंपा गया है। इससे अधिकारियों पर भी लक्ष्य पूरा करने का दबाव बढ़ गया है। निगम द्वारा विशेष अभियान चलाकर बकायादारों से सीधे संपर्क किया जा रहा है।

31 मार्च आखिरी मौका

उन्हें फोन कॉल और मैसेज के जरिए लगातार जानकारी दी जा रही है कि निर्धारित समय तक भुगतान नहीं करने पर नगर निगम अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च तक कर जमा करना अनिवार्य है। इसके बाद बकायादारों के खिलाफ कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपना टैक्स जमा कर परेशानी से बचें।