बस्तर को विकास की नई पहचान देंगे: अमित शाह, बोले- गुंडाधुर की धरती बनेगी गौरव और आस्था का केंद्र

नक्सलवाद खत्म होने के बाद पहली बार बस्तर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री, डायल-112 सेवा विस्तार, फॉरेंसिक यूनिट और आदिवासी विकास योजनाओं की दी सौगात

बस्तर को विकास की नई पहचान देंगे: अमित शाह, बोले- गुंडाधुर की धरती बनेगी गौरव और आस्था का केंद्र

*Amit Shah ने बस्तर दौरे के दौरान नक्सलवाद पर बड़ी जीत का दावा करते हुए कहा कि दशकों से हिंसा और भय का सामना कर रहे बस्तर को अब विकास, विश्वास और सुविधाओं की नई पहचान दी जाएगी। नेतानार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 50 वर्षों में हुए नुकसान की भरपाई आने वाले 4 से 5 वर्षों में की जाएगी। गृहमंत्री ने अमर शहीद Gundadhur की धरती को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का संकल्प भी दोहराया।*

रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब बस्तर में नक्सलियों का आतंक चरम पर था। पुलिस जवानों की हत्या, स्कूलों को नुकसान पहुंचाना और गरीबों का राशन छीनना आम बात बन गई थी। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की रणनीति से हालात तेजी से बदले हैं और बस्तर विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।

आदिवासी अंचल में सुविधाओं का विस्तार

शाह ने कहा कि अब बस्तर के आदिवासी बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गांवों तक स्वच्छ पेयजल, राशन कार्ड, आधार कार्ड और आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

शहीद जवानों और अधिकारियों का सम्मान

नेतानार कार्यक्रम के बाद अमित शाह Jagdalpur स्थित बादल अकादमी पहुंचे, जहां बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एनआईए और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का भी सम्मान किया गया।

पीड़ित परिवारों ने सुनाई दर्दभरी कहानी

नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों ने गृहमंत्री से मुलाकात कर अपने अनुभव साझा किए। जगरगुंडा की रहने वाली जानकी कश्यप ने बताया कि नक्सलियों ने उनके परिवार के कई लोगों की हत्या कर दी थी। पीड़ितों ने कहा कि अब सड़कों और सुरक्षा कैंपों के कारण गांवों में हालात पहले से काफी बेहतर हुए हैं।

डायल-112 के 400 हाईटेक वाहनों को हरी झंडी

Raipur में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने डायल-112 सेवा के लिए 400 नए हाईटेक वाहनों को रवाना किया। ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित इस सेवा के जरिए पुलिस, फायर और मेडिकल सहायता को एकीकृत किया गया है। इन वाहनों में GPS, डैश कैम, वायरलेस सिस्टम और आधुनिक निगरानी उपकरण लगाए गए हैं।

हर जिले को मिलेगी मोबाइल फॉरेंसिक सुविधा

राज्य के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी शुरू की गई हैं। इन वाहनों के जरिए घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराध जांच प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक आज

जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में सुरक्षा, विकास, अंतरराज्यीय समन्वय और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

अमित शाह के दौरे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्ष ने बैठक को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने की मांग उठाते हुए सरकारी खर्च पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि बस्तर के विकास और सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है।