एक नंबर, दो कारें और हजारों का नुकसान: घर बैठे मालिक को मिलते रहे चालान-टोल के मैसेज, दूसरी कार पर नंबर लगाने वाला गिरफ्तार
दुर्ग RTO में पंजीकृत CG 07 BZ 5226 नंबर दूसरी यारिस पर मिला; पुलिस ने 3 लाख की कार जब्त कर आरोपी से पूछताछ शुरू की
दुर्ग-भिलाई। फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर दूसरे वाहन मालिक को परेशानी में डालने का मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र में सामने आया है। रायपुर के एक युवक की कार करीब एक साल से घर पर थी, लेकिन उसके पंजीयन नंबर पर दूसरी कार सड़कों पर दौड़ती रही। नतीजा यह हुआ कि युवक के मोबाइल पर अलग-अलग स्थानों से ट्रैफिक चालान और टोल कटने के संदेश पहुंचते रहे। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच की तो वही नंबर दूसरी टोयोटा यारिस पर लगा मिला। पुलिस ने कार जब्त कर आरोपी विजय सेन को गिरफ्तार किया है।
ओडिशा नहीं गई कार, फिर भी कट गया टोल
मोनिश सोनी के नाम दुर्ग RTO में टोयोटा यारिस CG 07 BZ 5226 पंजीकृत है। पिछले करीब एक साल से उनके मोबाइल पर अलग-अलग जगहों से चालान और टोल कटने के संदेश आते रहे।
मोनिश के अनुसार उनकी कार ओडिशा तक नहीं गई, इसके बावजूद करीब 2 हजार रुपए के चालान और 7 से 8 हजार रुपए का टोल उनके वाहन नंबर से जुड़ गया। लगातार बढ़ते ऐसे संदेशों ने पूरे मामले पर सवाल खड़ा कर दिया।
थाने पहुंची शिकायत तो खुला राज
24 अगस्त को मोनिश ने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने नंबर की जानकारी के आधार पर वाहन की तलाश शुरू की। जांच के दौरान हरी नगर में रजत डोम के पास एक टोयोटा यारिस मिली।
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उस कार पर भी वही नंबर CG 07 BZ 5226 लगा हुआ था, जो मोनिश की कार के नाम पर पंजीकृत है।
आरोपी के पास दस्तावेज भी नहीं
पुलिस जांच में कार का संबंध हरी नगर निवासी 28 वर्षीय विजय सेन से सामने आया। पुलिस के मुताबिक विजय सेन ने अपनी कार पर दूसरे वाहन का नंबर लगा रखा था। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान वह वाहन से संबंधित वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने वाहन जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जब्त कार की कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है।
फर्जी नंबर से कितनी जगह चला वाहन?
अब पुलिस आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और वाहन की गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्जी नंबर प्लेट के साथ कार किन-किन शहरों में गई और कितने चालान या टोल इसी नंबर से जुड़े हैं।
इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल केवल टोल और चालान से बचने के लिए किया गया या किसी अन्य गतिविधि के लिए भी नंबर का दुरुपयोग हुआ।
BNS की चार धाराओं में कार्रवाई
मोनिश सोनी की शिकायत पर मोहन नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 600/2026 दर्ज किया है। विजय सेन के खिलाफ BNS की धारा 336(3), 340(2), 345(3) और 347(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
आपके वाहन के नाम पर चालान आए तो ये करें
अगर वाहन घर या किसी दूसरे स्थान पर खड़ा होने के बावजूद किसी अनजान शहर से चालान या टोल कटने का संदेश आए तो उसे नजरअंदाज न करें। पहले वाहन नंबर और चालान की जानकारी जांचें। संदेशों के स्क्रीनशॉट, चालान की कॉपी और टोल से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। नंबर प्लेट के दुरुपयोग का संदेह हो तो तत्काल पुलिस और संबंधित परिवहन विभाग को शिकायत करें।
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