चार माह की गर्भवती बहू ने लगाया दहेज प्रताड़ना का आरोप, पति समेत सास-ससुर पर FIR दर्ज
भिलाई महिला थाना में शिकायत के बाद पति, सास और ससुर के खिलाफ BNS की धाराओं में केस दर्ज, जांच शुरू
दुर्ग जिले में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। चार माह की गर्भवती महिला ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पति उसे किराए के मकान में अकेला छोड़कर चला गया, जिसके बाद उसने महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
भिलाई। दुर्ग जिले के नंदिनी माइंस अहिवारा निवासी एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर भिलाई नगर महिला थाना पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता शिल्पा गोस्वामी (25) वर्तमान में चार माह की गर्भवती है। महिला का आरोप है कि पति सिद्धार्थ गिरी उसे खपरी स्थित किराए के मकान में अकेला छोड़कर चला गया और बाद में वापस ले जाने से भी इनकार कर दिया।
शादी के कुछ दिनों बाद बदल गया व्यवहार
महिला थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिल्पा और सिद्धार्थ गिरी का विवाह 3 नवंबर 2025 को भिलाई सेक्टर-6 स्थित फ्रंटियर भवन में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ था। शादी में मायके पक्ष द्वारा घरेलू सामान, गहने और अन्य उपहार दिए गए थे, लेकिन ससुराल पक्ष इससे संतुष्ट नहीं था।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी के शुरुआती कुछ दिनों तक सब सामान्य रहा, लेकिन करीब 15 दिन बाद सास रेखा गोस्वामी, ससुर ईश्वर गिरी और पति सिद्धार्थ गिरी का व्यवहार बदल गया। उसे कम दहेज लाने की बात कहकर ताने दिए जाने लगे।
सोने के गहने और महंगे सामान की मांग का आरोप
शिकायत में महिला ने बताया कि ससुराल पक्ष अक्सर सोने का ब्रेसलेट, बड़ी टीवी और कूलर जैसी चीजों की मांग करता था। पति भी उसे यह कहकर अपमानित करता था कि वह पर्याप्त दहेज लेकर नहीं आई।
महिला का आरोप है कि धीरे-धीरे मानसिक प्रताड़ना शारीरिक हिंसा और गाली-गलौज तक पहुंच गई। गर्भावस्था के दौरान भी उसका उचित ध्यान नहीं रखा गया और दवाइयों तक की व्यवस्था नहीं की गई।
तलाक और दूसरी शादी की धमकी
पीड़िता के मुताबिक, पति कई बार उसे तलाक देने और दूसरी शादी कर अधिक दहेज लाने की धमकी देता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी गई।
विवाद बढ़ने पर मामला पहले सेक्टर-6 स्थित महिला परामर्श केंद्र पहुंचा, जहां दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई थी। समझौते के बाद महिला दोबारा ससुराल लौट गई, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं आया।
किराए के मकान में भी जारी रहा विवाद
महिला थाना में अंतिम काउंसलिंग 19 अप्रैल 2026 को हुई थी। इसके बाद पति-पत्नी खपरी स्थित किराए के मकान में रहने लगे। आरोप है कि वहां भी दहेज को लेकर विवाद जारी रहा।
27 अप्रैल की रात पति ने फिर विवाद किया और गाली-गलौज के बाद गर्भवती पत्नी को अकेला छोड़कर चला गया। अगले दिन पीड़िता ने अपने भाई को घटना की जानकारी दी और बाद में धमतरी जिले के ग्राम जुगदेही स्थित मौसी के घर चली गई।
“मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी”
महिला ने शिकायत में कहा है कि लगातार प्रताड़ना और उपेक्षा के कारण वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी। गर्भावस्था के दौरान मिले इस व्यवहार ने उसे आत्महत्या तक सोचने पर मजबूर कर दिया।
पति, सास और ससुर पर केस दर्ज
महिला थाना भिलाई नगर की प्रभारी नीता राजपूत ने बताया कि शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर पति सिद्धार्थ गिरी, सास रेखा गोस्वामी और ससुर ईश्वर गिरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मामले की विवेचना जारी है और सभी आरोपों की विस्तार से जांच की जाएगी। फिलहाल पीड़िता अपने मायके पक्ष के रिश्तेदारों के साथ धमतरी जिले में रह रही है। आप जब क्राइम या सामाजिक मामलों की खबर लिखते हैं, तब आप पहले भावनात्मक एंगल पकड़ते हैं या कानूनी तथ्यों और पुलिस पक्ष को प्राथमिकता देते हैं?
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