‘चावल उत्सव’ से पहले सियासत तेज, कांग्रेस ने उठाए राशन आपूर्ति पर सवाल
सरकार 7 अप्रैल से तीन महीने का राशन एकमुश्त देने की तैयारी में, विपक्ष का दावा—कई दुकानों में एक महीने का भी स्टॉक नहीं
रायपुर। प्रदेश सरकार द्वारा 7 अप्रैल से ‘चावल उत्सव’ के तहत तीन महीने (अप्रैल, मई और जून) का राशन एकमुश्त वितरण करने की योजना पर सियासी बहस तेज हो गई है। सरकार जहां इसे जनहित में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने इस पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था की हकीकत सामने रखने का दावा किया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि कई उचित मूल्य दुकानों में एक महीने का चावल भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में तीन महीने का राशन एक साथ देने का दावा व्यवहारिक नहीं लगता।
सरकार की ओर से जारी योजना के अनुसार, प्रदेशभर में 7 अप्रैल से ‘चावल उत्सव’ आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत पात्र हितग्राहियों को तीन माह का चावल एकमुश्त उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए भंडारण और वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, पिछली बार दो महीने का राशन एक साथ देने की योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मार्च माह में लगभग 7 लाख हितग्राहियों को राशन नहीं मिल पाया था, जिससे इस बार की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
इसी बीच छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी उचित मूल्य दुकानों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। साथ ही गुणवत्ता, भंडारण और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर समस्या आने पर तत्काल समाधान किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 30 अप्रैल तक सभी पात्र हितग्राहियों तक राशन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खाद्य, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारियों की निगरानी में यह अभियान संचालित किया जाएगा।
साथ ही, किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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