छत्तीसगढ़ में 2017 से लंबित महंगाई भत्ता! हाईकोर्ट सख्त… सरकार को भेजा नोटिस, चार सप्ताह में मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ में 2017 से लंबित महंगाई भत्ता! हाईकोर्ट सख्त… सरकार को भेजा नोटिस, चार सप्ताह में मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2017 से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) के भुगतान को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2017 से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) के भुगतान को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने शासन को चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

 तीन लाख से अधिक कर्मचारी प्रभावित

प्रदेश के तीन लाख से अधिक शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता वर्ष 2017 से लंबित बताया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर कर्मचारी संगठनों में लंबे समय से असंतोष व्याप्त है।

कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने लंबित डीए के भुगतान की मांग को लेकर विगत गुरुवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई सोमवार को हुई, जिसमें न्यायालय ने शासन से जवाब तलब किया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला

फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) को कर्मचारियों व पेंशनरों का वैधानिक अधिकार मानते हुए भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में राज्य सरकार को भी लंबित महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का भुगतान करना चाहिए।

सरकार के जवाब पर टिकी नजर

हाईकोर्ट द्वारा चार सप्ताह की मोहलत दिए जाने के बाद अब राज्य सरकार के जवाब पर कर्मचारियों की नजरें टिकी हैं। यदि शासन द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई संभव है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई दर में लगातार वृद्धि के बीच लंबित डीए का भुगतान कर्मचारियों के लिए राहत साबित होगा। वहीं, सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।