3.35 करोड़ की सनसनीखेज लूट का खुलासा: यूपी में शॉर्ट एनकाउंटर के बाद चार बदमाश दबोचे, पांचवां बिलासपुर से गिरफ्तार
सराफा कारोबारी पर हथौड़े से हमला कर 2 किलो सोना लूटकर फरार हुआ था गिरोह
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारी से हुई 3.35 करोड़ रुपये की बड़ी लूटकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वारदात के बाद उत्तर प्रदेश भागे चार आरोपियों को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में पैर में गोली मारकर पकड़ लिया, जबकि एक आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया है। इस तरह पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।
पिस्टल की नोक पर हमला, हथौड़े से किया वार
घटना 17 फरवरी की रात सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर की है, जहां सराफा कारोबारी संतोष तिवारी पर बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया। पिस्टल दिखाकर उनके सिर पर हथौड़े से वार किया गया और करीब 2 किलो सोना व नकदी लेकर आरोपी फरार हो गए। वारदात से इलाके में दहशत फैल गई थी।
चोरी की बाइक और कार से पहुंचे थे बिलासपुर
जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने चोरी के वाहनों का इस्तेमाल किया।
एक बाइक 13 फरवरी को मैनपाट से चोरी की गई थी, जो अंबिकापुर में पदस्थ नगर सैनिक राकेश चौबे के नाम पर दर्ज है।
सफेद रंग की इको वैन अकलतरा थाना क्षेत्र से वारदात के एक दिन पहले चोरी की गई थी।
इन्हीं वाहनों से आरोपी बिलासपुर पहुंचे और लूट को अंजाम दिया।
बीएसएनएल ऑफिस गली के पास की वारदात
राजकिशोर कॉलोनी स्थित बीएसएनएल ऑफिस गली के तिराहे के पास बदमाशों ने कारोबारी को निशाना बनाया। पूरी घटना सीसीटीवी में भी कैद हुई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच की दिशा तय की।
10 टीमें अलग-अलग एंगल से जुटीं जांच में
लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10 विशेष टीमें गठित कीं।
तीन टीमें टेक्निकल सर्विलांस के जरिए यूपी, बिहार और झारखंड रूट पर सक्रिय रहीं।
एक टीम होटल-लॉज में ठहरने और संदिग्धों की गतिविधियों की जांच में लगी।
अन्य टीमों ने टॉवर डंप डेटा, सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट मिलान और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर सुराग जुटाए।
नेफिस सर्वर पर उपलब्ध डाटा से भी फिंगरप्रिंट का मिलान किया गया।
स्कॉर्पियो से पीछा कर रहा था गिरोह
जांच के दौरान पता चला कि लुटेरे स्कॉर्पियो वाहन से कारोबारी का पीछा कर रहे थे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद उस वाहन की पहचान की गई। स्कॉर्पियो की बरामदगी के बाद पुलिस को फरार आरोपियों की दिशा का स्पष्ट सुराग मिल गया।
पुराना आपराधिक पैटर्न आया सामने
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह पहले भी चोरी की गाड़ियों से लूट की वारदात को अंजाम देता रहा है। दिसंबर में होटल कारोबारी लखन लाल देवांगन उर्फ निटी (46) के साथ हुई लूट की कोशिश में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई गई थी। आरोपियों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए तखतपुर और अंबिकापुर से बाइक चोरी की थी, जिन्हें बाद में रेलवे स्टेशन पर छिपा दिया गया था।
यूपी में शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में गोली लगते ही पकड़े गए आरोपी
लूट के बाद चार आरोपी उत्तर प्रदेश भाग गए थे। वहां स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर की गई कार्रवाई में उनका शॉर्ट एनकाउंटर हुआ। पैर में गोली लगने के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। पांचवें आरोपी को बिलासपुर से पकड़ा गया।
पुलिस की सतर्कता से सुलझा बड़ा मामला
पुलिस अधिकारियों ने हर तकनीकी और भौतिक साक्ष्य को जोड़ते हुए सुनियोजित तरीके से जांच आगे बढ़ाई। लगातार निगरानी, टेक्निकल एनालिसिस और अंतरराज्यीय समन्वय के चलते यह बड़ी लूटकांड सुलझाई जा सकी।
इस कार्रवाई से पुलिस ने न केवल करोड़ों की लूट का खुलासा किया, बल्कि संगठित अपराध में सक्रिय गिरोह को भी बेनकाब कर दिया है।
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