दिल्ली के होटल में भीषण अग्निकांड, 21 लोगों की मौत से मचा हड़कंप
मालवीय नगर स्थित छह मंजिला होटल में लगी आग, मृतकों में 17 विदेशी नागरिक शामिल; फायर एनओसी नहीं होने का खुलासा
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक छह मंजिला होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। आग की चपेट में आने से 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। राहत और बचाव दल ने करीब 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में होटल के पास फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) नहीं होने की बात सामने आई है।
दिल्ली (ए)। दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित फ्लरिश स्टे होटल बुधवार सुबह अचानक आग की लपटों में घिर गया। आग सबसे पहले होटल के रेस्टोरेंट में भड़की और देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों के कमरों तथा बेसमेंट तक फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।
हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में 17 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं, जिनमें बांग्लादेश और विभिन्न अफ्रीकी देशों के नागरिक शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे लोग
अग्निकांड के दौरान होटल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई लोग धुएं और आग से बचने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल से नीचे कूदने को मजबूर हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए नीचे गद्दे बिछाकर फंसे लोगों की जान बचाने का प्रयास किया।
बेसमेंट में फंसे लोगों को निकाला गया
राहत दल ने बेसमेंट में फंसे छह से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। दमकल कर्मियों और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लगभग 40 लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ और झुलसने की शिकायत के साथ अस्पताल भेजा गया।
फायर एनओसी नहीं होने की बात सामने आई
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिलाष मलिक ने बताया कि होटल के पास वैध फायर एनओसी नहीं थी। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
छह महीने में आग की घटनाओं में 66 मौतें
राजधानी में लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में दिल्ली में आग की विभिन्न घटनाओं में 66 लोगों की जान जा चुकी है। ताजा हादसे के बाद एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर बहस तेज हो गई है।
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