पीएम की अपील से ज्वेलरी बाजार में हड़कंप, सोना कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट

एक साल तक गोल्ड खरीदने से बचने की सलाह के बाद निवेशकों में बेचैनी, कई ज्वेलरी स्टॉक्स 10% तक लुढ़के

पीएम की अपील से ज्वेलरी बाजार में हड़कंप, सोना कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नागरिकों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील का असर सोमवार को शेयर बाजार में साफ दिखाई दिया। ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, जिससे कई प्रमुख कंपनियों के स्टॉक्स 10 प्रतिशत तक टूट गए। बाजार में आशंका जताई जा रही है कि यदि सरकार ने गोल्ड इम्पोर्ट पर सख्ती बढ़ाई तो सोने की मांग में बड़ी गिरावट आ सकती है।

नई दिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान ने सोमवार को ज्वेलरी सेक्टर में हलचल मचा दी। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए एक साल तक सोना खरीदने से परहेज करने की अपील की। इसके बाद शेयर बाजार में ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ गया।

कारोबार के दौरान कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। वहीं देश की बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयर भी करीब 7 प्रतिशत नीचे आ गए। इसके अलावा पीएन गाडगिल, थंगमयिल ज्वेलरी और अन्य छोटे ज्वेलरी स्टॉक्स में भी भारी कमजोरी देखने को मिली।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का जिक्र करते हुए देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव की बात कही। उन्होंने लोगों से तीन प्रमुख सुझाव दिए, जिनमें एक साल तक सोना नहीं खरीदना, वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देना और अनावश्यक यात्राओं से बचना शामिल है।

उधर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद सरकार सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर सकती है। ज्वेलरी कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार यदि ऐसा हुआ तो घरेलू बाजार में सोने की मांग 10 से 12 प्रतिशत तक घट सकती है।

रिपोर्टों के मुताबिक अप्रैल महीने में भारत का सोना आयात पिछले कई वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने की आशंका है। बैंकिंग और टैक्स से जुड़े मुद्दों के चलते कई शिपमेंट प्रभावित हुए हैं। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है और हर महीने हजारों करोड़ रुपए का सोना आयात किया जाता है। ऐसे में सरकार की किसी भी नई नीति का असर सीधे बाजार और निवेशकों पर पड़ सकता है।