बंगाल चुनावी संग्राम तेज: शाह के तीखे हमले, TMC ने BJP पर वोटर लाने का लगाया आरोप
अमित शाह बोले—‘मोदी पर जितने हमले, उतना मजबूत होगा कमल’; TMC ने सूरत से मतदाता लाने का मुद्दा उठाया
कोलकाता/चेन्नई/नई दिल्ली (ए)। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। भाजपा नेता अमित शाह ने बुधवार को दमदम उत्तर में आयोजित रैली में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जितनी आलोचना और गालियां दी जाएंगी, भाजपा उतनी ही मजबूती से उभरेगी।
शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने वाले नेता को ‘आतंकवादी’ कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ रहने से कांग्रेस नेताओं की भाषा का स्तर गिर रहा है।
चुनावी संभावनाओं पर बात करते हुए शाह ने दावा किया कि कांग्रेस तमिलनाडु में दोहरे अंक तक नहीं पहुंच पाएगी, जबकि बंगाल और पुडुचेरी में उसका खाता खुलना भी मुश्किल है। असम में भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का कांग्रेस के साथ गठबंधन भी उन्हें नुकसान पहुंचाएगा।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने दावा किया कि भाजपा सूरत से विशेष ट्रेनों के जरिए मतदाताओं को पश्चिम बंगाल ला रही है। उन्होंने इस मामले में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
टीएमसी का कहना है कि यह चुनावी नियमों का उल्लंघन है और इसमें रिश्वतखोरी व मतदाताओं को प्रभावित करने जैसे गंभीर पहलू शामिल हो सकते हैं। पार्टी ने संबंधित खर्चों को चुनावी खाते में शामिल करने और कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है।
इस बीच, कोलकाता में एक अन्य रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने अमित शाह पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की भाषा उसकी सोच को दर्शाती है और इसका जवाब जनता चुनाव परिणामों के जरिए देगी।
हावड़ा में आयोजित रैली में अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर पूरे देश में अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा। शाह ने आरोप लगाया कि ये लोग स्थानीय नागरिकों के अधिकारों और संसाधनों पर कब्जा कर रहे हैं।
उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कोलकाता के व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। साथ ही चेतावनी दी कि चुनाव के बाद स्थिति में बदलाव लाया जाएगा।
चुनावी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और अधिक गरमा दिया है, जहां अब मुकाबला और भी दिलचस्प होता नजर आ रहा है।
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