बीएसपी लोहा चोरी मामले में विधायक रिकेश सेन का बड़ा कदम, सीएम को सौंपे दस्तावेज; केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच पर सहमति
राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले कथित संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए प्रभावी कदम उठाने के संकेत
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में लंबे समय से चल रहे कथित संगठित लोहा चोरी के मामले को लेकर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इसे महज चोरी नहीं बल्कि देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला गंभीर आर्थिक अपराध बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में विधायक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर दस्तावेज और अहम तथ्य सौंपे, जिस पर केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच कराने को लेकर सहमति बनी है।
भिलाई इस्पात संयंत्र में कथित रूप से वर्षों से सक्रिय लोहा चोरी के नेटवर्क को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि किस तरह कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से संगठित गिरोह द्वारा बीएसपी की सामग्री को नुकसान पहुंचाने का काम लंबे समय से किया जा रहा है।
विधायक सेन ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच किए जाने की जरूरत है, ताकि चोरी के पीछे सक्रिय लोगों, सहयोग करने वाले तंत्र और आर्थिक नेटवर्क का खुलासा हो सके। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल बीएसपी की संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की औद्योगिक धरोहर और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि कथित अवैध कारोबार से जुड़े धन के उपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल उठते रहे हैं। विधायक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग रखी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक की पहल की सराहना की और केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से जांच कराने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान की संपत्ति की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विधायक रिकेश सेन ने बताया कि उन्होंने बीएसपी के श्रमिक संगठनों और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों से भी इस विषय पर चर्चा की है। श्रमिक संगठनों ने भी संयंत्र की सुरक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर सहमति जताई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि वर्षों से सक्रिय कथित संगठित तंत्र के खिलाफ है। विधायक ने कहा कि वे इस मामले को केंद्रीय इस्पात मंत्रालय, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, एंटी करप्शन ब्यूरो सहित अन्य जांच एजेंसियों के समक्ष भी रखेंगे।
सेन ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं बल्कि देश की आर्थिक शक्ति और राष्ट्रीय संपत्ति का प्रतीक है। संयंत्र की सुरक्षा और चोरी जैसे मामलों पर स्थायी रोक लगाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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