भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप कांड में सियासत तेज, बैज के आरोप पर विजय बघेल का पलटवार
सांसद बोले- भाजपा से जुड़ा कोई व्यक्ति दोषी है तो कार्रवाई हो, लेकिन मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं
दुर्ग-भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट से स्क्रैप चोरी के मामले में जांच के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने चोरी के तार मुख्यमंत्री निवास तक जुड़े होने का आरोप लगाया था। अब भाजपा सांसद विजय बघेल ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा है कि चोरी और अपराध का कोई राजनीतिक रंग नहीं होता। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उसका संबंध किसी भी राजनीतिक दल से क्यों न हो।
‘चोर की पहचान पार्टी से नहीं, अपराध से होती है’
विजय बघेल ने कहा कि मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारी का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। यदि जांच में उसकी संलिप्तता साबित होती है तो कानून अपना काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “चोर तो चोर होता है, अपराधी-अपराधी होता है।” उनके मुताबिक राजनीतिक दल से जुड़ाव किसी व्यक्ति को अपराध की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं कर सकता।
बैज पर साधा निशाना
दीपक बैज के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को आरोप लगाने से पहले अपने कार्यकाल के मामलों पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे के जेल जाने का संदर्भ दिया।
कांग्रेस में एकजुटता नहीं होने का आरोप
विजय बघेल ने कांग्रेस के भीतर आपसी खींचतान का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष तक जो जानकारी पहुंचती है, उसके आधार पर वे अपनी बात रखते हैं। लेकिन कांग्रेस के नेता जिस तरह एक-दूसरे के खिलाफ बयान दे रहे हैं, उससे पार्टी के भीतर मतभेद साफ दिखाई देते हैं।
जांच में दोषी मिला तो कार्रवाई हो
सांसद ने कहा कि BSP चोरी मामले में किसी व्यक्ति का भाजपा या कांग्रेस से संबंध होना जांच का आधार नहीं होना चाहिए। असली सवाल यह है कि चोरी में किसकी भूमिका रही और किसने नियम-कानून तोड़े। उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष तरीके से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
CBI और ED जांच की मांग पर दूरी
मामले की CBI और ED से जांच कराने की मांग पर विजय बघेल ने कहा कि यह मांग भाजपा विधायक ने उठाई है, इसलिए इस पर जवाब उन्हीं से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
250 टन स्क्रैप बरामद होने के बाद मचा हड़कंप
दुर्ग पुलिस ने अकलोरडीह के एक कबाड़ यार्ड में कार्रवाई करते हुए करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद किया था। इसकी कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपए आंकी गई थी। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू की और एक के बाद एक गिरफ्तारियां हुईं।
18 तक पहुंची गिरफ्तारियों की संख्या
जांच के दौरान BSP अधिकारी हिमांशु भूषण मल्लिक और इंजीनियरिंग एसोसिएट मनोज देवांगन समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 18 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई।
सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में
स्क्रैप बाहर निकलने के मामले में प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे। लापरवाही के आरोप में CISF के जवानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दूसरी ओर, मामले में पांच से अधिक आरोपियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है। इनमें कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह का नाम भी शामिल है।
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