रक्षाबंधन पर सुबह का समय सबसे शुभ, 9:48 बजे तक बांधें राखी
28 अगस्त को सूर्योदय के बाद पूर्णिमा तिथि तक रहेगा शुभ समय; पंचक के चलते पहले भगवान को अर्पित करें रक्षासूत्र, फिर भाई की कलाई पर बांधें
इस बार रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे तक रहेगी और इस दौरान भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में सूर्योदय के बाद से 9:48 बजे तक राखी बांधना विशेष शुभ माना जा रहा है। पंचक होने के कारण धार्मिक विधि में भगवान को पहले राखी अर्पित कर इसके बाद भाई को बांधने की सलाह दी गई है।
रायपुर। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर पंचांग के अनुसार इस दिन पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। रायपुर में सूर्योदय करीब 5:46 बजे होने की संभावना है। इसलिए सूर्योदय के बाद से सुबह 9:48 बजे तक का समय राखी बांधने के लिए विशेष शुभ माना जा रहा है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के समय में कुछ मिनट का अंतर होने के कारण स्थानीय पंचांग के मुताबिक समय में मामूली बदलाव हो सकता है। हालांकि, 9:48 बजे तक का समय पूर्णिमा तिथि के अंतर्गत रहेगा।
दिनभर राखी बांधने की परंपरा निभा सकेंगे
सुबह के शुभ समय में राखी बांधना सर्वोत्तम माना गया है। हालांकि, इसके बाद भी पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार भद्रा का प्रभाव राखी बांधने के समय नहीं रहेगा, इसलिए बहनें सुविधानुसार दिन में भी भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकती हैं।
वैकल्पिक समय के तौर पर दोपहर 12:28 बजे से 2:02 बजे तक भी राखी बांधने का समय बताया गया है।
पंचक में पहले भगवान को अर्पित करें राखी
ज्योतिषीय गणना के अनुसार रक्षाबंधन के दिन पंचक रहेगा। ऐसे में धार्मिक परंपरा के अनुसार राखी बांधने से पहले भगवान की पूजा कर रक्षासूत्र अर्पित करने की सलाह दी गई है।
मान्यता के अनुसार पांच राखियां गणेशजी को चढ़ाई जा सकती हैं। इसके बाद भाइयों को बांधने वाली राखियों को भी पहले भगवान को अर्पित कर प्रसाद स्वरूप भाई की कलाई पर बांधा जा सकता है। इससे पंचक के दौरान भी रक्षाबंधन की परंपरा विधिपूर्वक निभाई जा सकती है।
भद्रा का नहीं रहेगा साया
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पूर्णिमा तिथि और भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना उचित नहीं माना जाता। इस बार पंचांग गणना के मुताबिक 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो जाएगी।
इसलिए सूर्योदय के बाद राखी बांधते समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। यही वजह है कि सुबह का समय रक्षासूत्र बांधने के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।
तिथि और भद्रा दोनों का रखना होता है ध्यान
रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार राखी बांधते समय मुख्य रूप से पूर्णिमा तिथि और भद्रा की स्थिति देखी जाती है। इस वर्ष 28 अगस्त की सुबह पूर्णिमा तिथि रहेगी और भद्रा समाप्त हो चुकी होगी। ऐसे में बहनें सुबह शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांधकर पर्व मना सकती हैं।
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