शराब के आरोपी को छुड़ाने पहुंचे दो आरक्षक, प्रधान आरक्षक से की बदसलूकी; दोनों सस्पेंड

खुर्सीपार में कार्रवाई के दौरान बनाया दबाव, शिकायत के बाद एसएसपी ने लिया एक्शन; 24 घंटे में जांच रिपोर्ट के निर्देश

शराब के आरोपी को छुड़ाने पहुंचे दो आरक्षक, प्रधान आरक्षक से की बदसलूकी; दोनों सस्पेंड

दुर्ग-भिलाई। भिलाई में सार्वजनिक स्थान पर शराबखोरी और अड्डेबाजी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस विभाग के ही दो आरक्षकों द्वारा हस्तक्षेप करने का मामला सामने आया है। एक आरोपी को कार्रवाई से बचाने के लिए पहुंचे दोनों आरक्षकों ने प्रधान आरक्षक पर दबाव बनाया और उसके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। शिकायत मिलने के बाद दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मामला खुर्सीपार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक रामनारायण यदु सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने और अड्डेबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान एक आरोपी को छुड़ाने के लिए दो आरक्षक मौके पर पहुंचे। दोनों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए प्रधान आरक्षक से कहा और उसे छोड़ने का दबाव बनाया।

कार्रवाई रोकने के लिए बनाया दबाव

बताया गया है कि छावनी थाना में पदस्थ आरक्षक सोनू चौहान और खुर्सीपार थाना के आरक्षक चंद्रभान चौहान मौके पर पहुंचे थे। दोनों ने शराब के मामले में पकड़े गए आरोपी को छोड़ने की बात कही। प्रधान आरक्षक ने कार्रवाई रोकने से इनकार किया तो दोनों आरक्षकों और उनके बीच विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि इस दौरान प्रधान आरक्षक के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई जानकारी

घटना के बाद प्रधान आरक्षक रामनारायण यदु ने पूरे मामले की जानकारी खुर्सीपार थाना प्रभारी लक्ष्मण केंवट को दी। थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। प्रकरण की जानकारी दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल तक पहुंचने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई।

दोनों आरक्षक रक्षित केंद्र से संबद्ध

एसएसपी ने आरक्षक सोनू चौहान और चंद्रभान चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में दोनों को रक्षित केंद्र, दुर्ग से संबद्ध किया गया है। दोनों पर ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता करने, कार्रवाई में हस्तक्षेप करने तथा प्रधान आरक्षक पर अनुचित दबाव बनाने के आरोप हैं।

24 घंटे में मांगी जांच रिपोर्ट

एसएसपी ने मामले की प्राथमिक जांच का जिम्मा रक्षित निरीक्षक को सौंपा है। जांच अधिकारी को पूरे घटनाक्रम की जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।