समोदा में अफीम की खेती पर सियासत गरम, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना
खेत का निरीक्षण कर बोले– मामला विधानसभा में उठाएंगे; पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
दुर्ग जिले के समोदा गांव में अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मौके पर पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया और इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
दुर्ग। जिले के जेवरा चौकी क्षेत्र अंतर्गत समोदा गांव में अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद सियासत तेज हो गई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौके पर पहुंचे और खेत का निरीक्षण किया। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इसे विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से उठाया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पहले अन्य राज्यों से नशीले पदार्थों की आपूर्ति छत्तीसगढ़ में होती थी, लेकिन अब प्रदेश में ही नशे से जुड़े अवैध कारोबार पनपने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच होनी चाहिए।
बघेल ने कहा कि गांव के बच्चों ने होलिका दहन के लिए लकड़ी लाने के दौरान खेत में अफीम की खेती होते देख इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मामला सामने आया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह खेती लंबे समय से हो रही थी तो प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि अफीम का उपयोग कई तरह से किया जाता है और इसके प्रसंस्करण से जुड़े कई स्तर होते हैं। इसलिए यह पता लगाना जरूरी है कि इस खेती के पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसका प्रसंस्करण कहां किया जा रहा है।
इस बीच पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया है। अब तक छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और नारकोटिक्स से जुड़े प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार संबंधित एजेंसियों की मदद से अफीम की फसल को नष्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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