साउथ की ‘नाइटिंगेल’ कहे जाने वाली S. जानकी को PM मोदी, रजनीकांत समेंत इन सेलेब्स ने दी श्रद्धांजलि, जानें कब होगा अंतिम संस्कार
साउथ इंडस्ट्री की फेमस सिंगर एस. जानकी, जिन्होंने अपने करियर में लगभग 48,000 गानों को अपनी आवाज दी, अब हमेशा के लिए खामोश हो गई हैं। उनकी निधन की खबर से फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
भारतीय संगीत जगत की फेमस और सीनियर सिंगर एस. जानकी का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके जाने से फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 6 दशक से अधिक लंबे करियर में हजारों यादगार गीतों को अपनी आवाज देने वाली जानकी ने करोड़ों सुनने वाले दिलों में खास जगह बनाई। उनके निधन के बाद PM नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, एक्टर रजनीकांत, विजय, ऋषभ शेट्टी, कार्थी, त्रिशा और अनिरुद्ध रविचंदर समेंत कई दिग्गजों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
S. जानकी ने अपने करियर में 45 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए
मैसूर के अस्पताल के मुताबिक, एस. जानकी को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। उन्हें आईसीयू में रखकर विशेषज्ञों की टीम लगातार इलाज कर रही थी, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें कई बार कार्डियक अरेस्ट आया। डॉक्टरों ने सभी जरूरी प्रयास किए, फिर भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ने शनिवार शाम उनके निधन की पुष्टि की।
S. जानकी ने अपने दमदार करियर में तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में 45 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए। उन्हें 4 बार राष्ट्रीय फिल्म ऑवार्ड से सम्मानित किया गया और अनेक राज्य स्तरीय पुरस्कार भी मिले। उनकी मधुर आवाज ने भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर को नई पहचान दी।
PM नरेंद्र मोदी समेंत इन सेलेब्स ने दी श्रद्धांजलि
PM नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि S. जानकी ने अपनी आवाज से हर भावना को खूबसूरती के साथ जीवंत किया।
तो वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनकी गायकी आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी। इतना ही नहीं, साउथ फिल्म इंडस्ट्री के कई सेल्ब्स ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त की है
रजनीकांत, विजय, ऋषभ शेट्टी, कार्थी, त्रिशा और राघव लॉरेंस सहित अनेक स्टार ने कहा कि एस. जानकी की आवाज कभी नहीं भुलाई जा सकेगी और उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा।
बता दें, S. जानकी का अंतिम संस्कार मैसूर के एचडी कोटे तालुक स्थित उनके पारिवारिक फार्महाउस में रविवार यानी आज शाम 5 बजे किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में फैंस और संगीत प्रेमी पहुंच रहे हैं। उनके निधन के साथ भारतीय संगीत जगत ने एक ऐसी आवाज खो दी है, जिसने पीढ़ियों तक इमोशन्स को सुरों में पिरोकर लोगों के दिलों तक पहुंचाया। उनकी विरासत उनके गीतों के रूप में हमेशा जीवित रहेगी।
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